नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर भीषण बाढ़:300 भारतीय अभी भी लापता,अब तक 210 लोगों की मौत
लैंडस्लाइड के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने मचाई तबाही; नेपाल और तिब्बत में मौतों का आंकड़ा बढ़ा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

1,500 के करीब लोग लापता, 21 भारतीयों समेत 116 को सुरक्षित निकाला गया
नेपाल/तिब्बत। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, नेपाल और तिब्बत में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और **करीब 1,500 लोग अब भी लापता** बताए जा रहे हैं। बाढ़ ने सड़कें, पुल, घर और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। खराब मौसम और क्षतिग्रस्त रास्तों के बीच राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
टिमुरे में 116 लोगों का रेस्क्यू
नेपाल सेना ने गुरुवार सुबह रसुवा जिले के टिमुरे क्षेत्र से **116 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला**। इनमें 95 नेपाली नागरिक और 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा एक सुरंग में फंसे सात नेपाली नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला गया है। रेस्क्यू अभियान के लिए हेलिकॉप्टर लगातार उड़ान भर रहे हैं।
लैंडस्लाइड के बाद आई बाढ़ ने मचाई तबाही
शुरुआत में सीमा क्षेत्र में महसूस हुए तेज झटकों को भूकंप से जोड़कर देखा गया था। बाद की जानकारी में सामने आया कि हिमालयी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बर्फ, चट्टान और मलबा नदी में गिरने से विनाशकारी फ्लैश फ्लड पैदा हुई।
ल्हेंदे खोला नदी में मलबे और पानी का तेज बहाव आगे भोटेकोशी और त्रिशूली नदी की ओर बढ़ा, जिससे रास्ते में आने वाले कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए।
बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी लापता
नेपाल में लापता लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। प्रभावित क्षेत्र ट्रेकिंग और तीर्थयात्रा के लिए जाना जाता है, इसलिए कई देशों के पर्यटक और यात्री भी इस आपदा की चपेट में आए हैं। विभिन्न रिपोर्टों में लापता लोगों की संख्या लगातार बदल रही है और राहत एजेंसियां आंकड़े जुटाने में लगी हैं।
भारत से भी मदद और रेस्क्यू जारी
भारतीय नागरिकों के भी प्रभावित होने के बाद नेपाल में भारतीय मिशन सक्रिय हैं। टिमुरे से 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत एवं बचाव कार्य में हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।
राहत और बचाव अभियान तेज
नेपाल सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, मेडिकल सप्लाई, टेंट, जनरेटर और संचार व्यवस्था से जुड़े उपकरण भेजने की जानकारी दी है। ड्रोन के जरिए प्रभावित इलाकों का सर्वे भी किया जा रहा है। हेलिकॉप्टर रेस्क्यू में गंभीर रूप से घायल लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है।









