दारु गोदाम के पास आयुर्वेदिक फैक्टरी पर उत्तरप्रदेश एसटीएफ की दबिश

एलोपैथिक उत्पाद बनाने का आरोप, अफसरों ने लिए सैंपल
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। दारू गोदाम के पास स्थित एक आयुर्वेदिक फैक्टरी पर यूपी एसटीएफ की टीम ने दबिश दी है। आरोप है कि फैक्टरी में एलोपैथिक उत्पाद तैयार किए जा रहे थे और इन्हें यूपी के बाजार में खपाया जा रहा था। यह उत्पाद मनुष्य स्वास्थ्य के लिए घातक थे, ऐसे में यूपी एसटीएफ मामले की जांच कर रही है। हालांकि टीम को फैक्टरी का लाइसेंस ठीक मिला है। उत्पाद के सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
दरअसल, यह मसला देवास और उज्जैन से जुड़ा है। संबंधित फर्म दोनों जगह फैक्टरी संचालित करती है। देवास का काम प्रेम मलिक देखते हैं, जबकि उज्जैन का काम उनके बेटे राहुल। दारुगोदाम के पास रुद्र फार्मा के नाम से यह फैक्टरी संचालित होती है। कंपनी में आयुर्वेदिक उत्पाद तैयार होते हैं और यूपी इसका सबसे बड़ा बाजार है। सूत्रों के मुताबिक यूपी एसटीएफ की टीम ने उज्जैन के ड्रग इंस्पेक्टर धर्मराजसिंह कुशवाहा और आयुष विभाग के अफसरों को अपने साथ लिया था। यह सभी फैक्टरी पहुंचे थे और उत्पाद के सैंपल लिए थे। फैक्टरी का लाइसेंस ठीक था और उसे आयुर्वेद उत्पाद बनाने की अनुमति थी।
सैंपल लिए हैं, ग्वालियर भेजे हैं
यूपी एसटीएफ की टीम जांच के लिए आई थी। देवास और उज्जैन की फैक्टरी की जांच करनी थी। उज्जैन में दारू गोदाम के पास रुद्र फार्मा के नाम से फैक्टरी संचालित होती है। राहुल मलिक इसके ऑनर है। फैक्टरी का लाइसेंस ठीक था। जिन उत्पाद पर आपत्ति थी, उसके सैंपल लिए हैं, जांच के लिए ग्वालियर भेजे हैं। एक सप्ताह में रिपोर्ट आने की संभावना है। फिलहाल फैक्टरी का संचालन वाजिब तरीके से हो रहा है।
राहुल शर्मा, प्रभारी जिला आयुष अधिकारी
इधर, इंड्रस्ट्रियल सूत्रों ने बताया कि यूपी एसटीएफ का पूरा फोकस देवास की फैक्टरी पर था,क्योंकि यूपी के बाजार में माल यहीं से पहुंचाया गया था। चूंकि दोनों जगह फैक्टरी का संचालन ही फर्म करती है, ऐसे में उज्जैन को भी केंद्र में रखा गया है। फिलहाल इस संबंध में ड्रग इंस्पेक्टर धर्मराजसिंह कुशवाह से बात नहीं हो सकी है।









