26 साल बाद तृतीया युक्त चतुर्थी में हरितालिका तीज व्रत और पार्थिव गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त

हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी के दुर्लभ संयोग में उज्जैन में गूंजेगा बप्पा का जयघोष
14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 43 मिनट से शुरू होगी चतुर्थी मध्याह्न में विराजेंगे गणपति
उज्जैन। उज्जैन में 26 साल बाद हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग इस बार बनने जा रहा है। 14 सितंबर (सोमवार) को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर घर-घर गणपति बप्पा की स्थापना होगी। पंचांग अनुसार चतुर्थी सुबह 7. 43 मिनट से प्रारंभ होगी।
मध्याह्न में बप्पा की स्थापना का विशेष मुहूर्त: उज्जैन की स्थानीय गणना के अनुसार श्री गणेश की स्थापना और पूजन मध्याह्न काल प्रात: 11.08 मिनट से दोपहर 1. 36 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. अजय कृष्ण शंकर व्यास के अनुसार इस बार गणेश चतुर्थी पर रवि इंद्र और ब्रह्म योग का शुभ संयोग है। इस योग में गणेश आराधना और पूजन से श्रद्धालुओं को विशेष फल की प्राप्ति होगी।
दूर्वा और मोदक से प्रसन्न होंगे विघ्नहर्ता
व्यास ने बताया कि गणेशजी को दूर्वा, सिंदूर लाल पुष्प, अक्षत ,मोदक और लड्डू अर्पित करना अत्यंत फलदायी है। बप्पा को 21 दूर्वा और 21 मोदक चढ़ाने की परंपरा है। श्रद्धालु ओम गं गणपतये नम: मंत्र का 108 बार जाप और गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ कर विघ्नहर्ता की आराधना कर सकते हैं।
सूंड की दिशा और पूजन सामग्री का महत्व
गणेशजी की सूंड बुद्धि विवेक और परिस्थिति के अनुरूप ढलने का प्रतीक है।
बाईं ओर मुड़ी सूंड – गृहस्थ जीवन में सुख-शांति देने वाली होती है।
दाईं ओर मुड़ी सूंड- विशेष साधना की प्रतीक होती है।
सीधी सूंड – आध्यात्मिक उन्नति व एकाग्रता का प्रतीक है। पूजन सामग्री में दूर्वा पवित्रता सिंदूर ऊर्जा लाल पुष्प भक्ति,अक्षत अखंड समृद्धि और मोदक आनंद का प्रतीक है। नारियल शुद्ध संकल्प, पान-सुपारी सम्मान और कपूर अहंकार त्यागने का संदेश देते हैं।
राशि अनुसार यूं प्रसन्न करें बप्पा को
बप्पा को राशि अनुसार प्रसन्न किया जा सकता है। पेश हैं कुछ सरल उपाय
मेष- लाल पुष्प व गुड़ अर्पित करें।
वृषभ- सफेद पुष्प व मोदक चढ़ाएं।
मिथुन- दूर्वा अर्पित कर गणेश मंत्र का जाप करें।
कर्क – दूध से बने मिष्ठान का भोग लगाएं।
सिंह – लाल सिंदूर व लाल पुष्प चढ़ाएं।
कन्या- दूर्वा अर्पित कर अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
तुला – सफेद पुष्प व मोदक अर्पित करें।
वृश्चिक – गुड़ व लाल पुष्प चढ़ाएं।
धनु- पीले पुष्प व बेसन के लड्डू चढ़ाएं। मकर – काले तिल मिश्रित लड्डू का भोग लगाएं।
कुंभ- दूर्वा व तिल के लड्डू अर्पित करें।
मीन- पीले पुष्प व मोदक चढ़ाकर प्रार्थना करें।
नोट जातक ओम गं गणपतये नम: मंत्र का 108 बार जाप करें।








