दो दिन तक शहर में रहेंगे RSS प्रमुख

खड़े हनुमान मंदिर जा सकते हैं, 1 लाख लोगों के हस्ताक्षर कराने की तैयारी में विहिप
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। आरएसएस सुप्रीमो मोहन भागवत उज्जैन दौरे पर आ रहे हैं। वे दो दिन तक उज्जैन में रहेंगे। इस दौरान वे खड़े हनुमान मंदिर भी जा सकते हैं। विहिप ने खड़े हनुमान मंदिर को यथावत रखने के लिए बड़ा हस्ताक्षर अभियान चलाया है। एक लाख लोगों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन देने की तैयारी की जा रही है।
आरएसएस सूत्रों के मुताबिक संघ प्रमुख उज्जैन में 17 सितंबर को होने वाली युवा संसद में शामिल होंगे। मिथलेश नंदिनी शरण के नेतृत्व में यह संसद गीता भवन में हो रही है। भागवत इसमें युवाओं से सीधा संवाद कर सकते हैं। इसी दिन शाम 5.30 बजे संघ प्रमुख आरएसएस के दायित्ववान स्थानीय पदाधिकारियों से अरविंदनगर स्थित मनोरमा गार्डन मेंं चर्चा करेंगे। करीब दो घंटे की इस मीटिंग में जेन-जी और जेन-अल्फा को जोडऩे पर विचार होने की संभावना है। 18 सितंबर का उनका दिन रिजर्व रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान संघ प्रमुख खड़े हनुमान मंदिर जा सकते हैं। यह मंदिर मार्ग चौड़ीकरण के कारण राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में हैं। विहिप इस मामले का नेतृत्व कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि भागवत दर्शन के लिए खड़े हनुमान मंदिर जा सकते हैं।
एक लाख हस्ताक्षर कराने का लक्ष्य
खड़े हनुमान मंदिर को उसकी मूल जगह पर रखने के लिए विहिप ने अभियान शुरू किया है। इसके तहत एक लाख हस्ताक्षर कराने का लक्ष्य तय किया गया है। यह ज्ञापन प्रशासन और जिम्मेदारों को दिया जाएगा। विहिप के संगठन मंत्री खगेंद्र भार्गव ने बताया कि जनभावना मंदिर को यथावत रखने पर है। विहिप जनभावना के साथ है। हम एक लाख लोगों के हस्ताक्षर का ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें मंदिर को उसकी मूल जगह पर रखने की मांग की जाएगी।
साध्वी हेमलता जी और महंत मुनिशरण पहुंचे दर्शन करने, बोले- मंदिर यहीं रहे
साध्वी हेमलता जी और अंकपात मार्ग स्थित रामानंदी आश्रम के महंत मुनिशरणदास जी खड़े हनुमान जी के दर्शन करने पहुंचे। दोनों ने कहा कि मंदिर को अपनी ही जगह रहने देना चाहिए। मौजूदा जगह पर भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए। प्रतिमा के साथ अब किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए।
खड़े हनुमान मंदिर पर भंडारा शुरू: खड़े हनुमान मंदिर पर भंडारा भी शुरू हो गया है। रविवार रात यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सब्जी, पूड़ी और नुक्ती की प्रसादी परोसी गई।
सद्बुद्धि यज्ञ भी: रविवार को ही साध्वी हर्षानंद गिरी ने मंदिर के बाहर सद्बुद्धि यज्ञ किया। इसमें प्रशासन को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की गई।









