शुभ मुहूर्त में घर-प्रतिष्ठानों में विराजे विघ्नहर्ता

पूरे शहर में दिखाई दिया उत्साह, सुबह से जुलूस निकलने शुरू, कार, स्कूटर और हाथी पर ले गए बप्पा को
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। गणेश उत्सव की धूम सोमवार से शहर में शुरू हो गई। बरसाती मौसम के बावजूद पूरे शहर में बप्पा के आगमन का उत्साह देखा गया। लोग सुबह से ही विघ्नहर्ता को अपने-अपने साधन से घर-प्रतिष्ठान ले गए। कार, ट्रॉली, स्कूटर, बाइक और हाथी पर लोग गणेशजी को ले जाते दिखाई दिए।
गणेश चतुर्थी की खुशियां पूरे शहर में बिखरी दिखाई दी। फ्रीगंज, सिंधी कॉलोनी चौराहा, कवेलू कारखाना, कोयलाफाटक, गोपाल मंदिर क्षेत्र में लोग प्रतिमा और पूजन सामग्री की खरीदी करने पहुंचे। स्कूटर, बाइक, लोडिंग, ऑटोरिक्शा से लेकर कार तक में प्रतिमाएं ले जाई गईं।
शुरुआत बाबा महाकाल के मंदिर से हुई। यहां भस्मार्ती के बाद बाबा को गणेश स्वरूप में सजाया गया। मुकुट धारी बाबा के दर्शन करने हजारों लोग पहुंचे। गणेश मंदिरों में उत्सव का खूब उत्साह रहा। यहां सुबह से अभिषेक, पंचामृत पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। प्रमुख गणेश मंदिरों में से एक चिंतामन गणेश में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखी गई। यहां चिंतामन, इच्छामन और सिद्धिविनायक स्वरूप में विराजित प्रतिमा का सुबह विशेष अभिषेक किया गया। गणेशजी के पंसदीदा लड्डूओं का भोग लगाया गया। यह प्रसाद लोगों के बीच वितरित किया गया।
कुछ ऐसा ही उल्लास श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में भी दिखाई दिया। यहां प्रतिमा को आकर्षक तरीके से सजाया गया और 5.51 लाख मोदकों का भोग लगाया गया। यह भोग श्रद्धालुओं को बांटा गया।
लोकमान्य तिलक स्मृति समिति ने बांटे मिट्टी के गणेश
उज्जैन। पर्यावरण संरक्षित करने के लिए लोकमान्य तिलक स्मृति समिति ने सोमवार को चिमनगंज कृषि उपज मंडी परिसर से मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं वितरित की। करीब 300 मंडलों को यह प्रतिमाएं प्रदान की गईं।
मोदक और लड्डू की बिक्री बढ़ी- गणेश जी के प्रिय मोदक और लड्डू की बिक्री इस दौरान काफी रही। मिठाई दुकानों ने कई तरह के मोदक , बूंदी की लड्डू तैयार किए थे। इनके दाम क्वालिटी अनुसार थे। देसी घी के लड्डू 600-800रुपए किलो रहे। इसी तरह मोदक भी 600-800 रुपए किलो रहे। मोदक में कई तरह की वैरायटी भी दिखाई दी।









