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Air India के CEO को इमिग्रेशन चूक मामले में समन

तीन विदेशी यात्री बिना जांच चढ़े फ्लाइट में

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दिल्ली एयरपोर्ट पर 4 सितंबर की घटना; नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एअर इंडिया से मांगा स्पष्टीकरण

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया में हुई चूक के मामले में एअर इंडिया के CEO तेवोल्डे गेब्रेमारियम को मंगलवार को समन भेजकर जवाब तलब किया है। यह मामला तीन इटेलियन यात्रियों से जुड़ा है, जो कथित तौर पर बिना इमिग्रेशन जांच पूरी किए अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सवार हो गए।

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जानकारी के अनुसार, तीनों यात्री 4 सितंबर को अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली लुफ्थांसा की फ्लाइट ली। यात्रियों को निर्धारित इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी थी, लेकिन वे इमिग्रेशन चेकपॉइंट तक नहीं गए और बिना जांच के अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सवार हो गए।

घटना के संबंध में एअर इंडिया की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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मंत्रालय ने पूछा- बिना इमिग्रेशन क्लियरेंस कैसे रवाना हुए विदेशी

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस घटना को सुरक्षा और इमिग्रेशन से जुड़ी गंभीर चूक माना है। मंत्रालय ने एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि तीनों विदेशी नागरिक बिना जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए एयरपोर्ट से कैसे रवाना हो गए।

मंत्रालय ने एयरलाइन से घटना की पूरी परिस्थितियों, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदारी तय करने को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा है। एअर इंडिया को अब नोटिस का जवाब देना होगा।

जवाब मिलने के बाद मंत्रालय मामले की समीक्षा करेगा। इसके आधार पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही, इमिग्रेशन जांच और एयरलाइन की जिम्मेदारियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सवार होने से पहले यात्रियों का इमिग्रेशन क्लियरेंस पूरा होना जरूरी होता है। ऐसे में बिना जांच के तीन विदेशी यात्रियों के विमान तक पहुंचने को गंभीर प्रक्रिया संबंधी चूक माना जा रहा है।

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