30-40 की उम्र में भी दिल का दौरा, महिलाओं में बढ़ रहा SCAD का खतरा

29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है। आमतौर पर हार्ट अटैक का नाम आते ही हाई कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और धूम्रपान जैसी वजहें सामने आती हैं। लेकिन हर हार्ट अटैक की वजह यही हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
कम उम्र की और देखने में पूरी तरह फिट महिलाओं में भी अचानक हार्ट अटैक हो सकता है। इसका एक कारण SCAD यानी Spontaneous Coronary Artery Dissection हो सकता है। यह ऐसी स्थिति है, जिसमें दिल की नस की दीवार में अचानक चोट या दरार आ जाती है और इसके कारण खून का प्रवाह प्रभावित हो सकता है।
क्या होता है SCAD?
सामान्य हार्ट अटैक में अक्सर नस के अंदर कोलेस्ट्रॉल या प्लाक जमा होने के बाद वहां खून का थक्का बन जाता है। इससे दिल तक पहुंचने वाला रक्त कम या बंद हो सकता है। SCAD में मामला थोड़ा अलग होता है। इसमें नस की अंदरूनी परत में अचानक समस्या पैदा होती है। खून नस की दीवार की परतों के बीच जमा हो सकता है और इससे नस का रास्ता संकरा हो जाता है। नतीजतन दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त खून नहीं पहुंच पाता।
महिलाओं में ज्यादा मामले क्यों?
SCAD खासतौर पर युवा और मध्यम उम्र की महिलाओं में देखा जाता है। कई बार ऐसी महिलाओं में हार्ट अटैक के सामान्य जोखिम भी नहीं होते। यानी महिला फिट हो सकती है, सामान्य वजन की हो सकती है और उसे डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्या भी नहीं हो सकती। गर्भावस्था और डिलीवरी के आसपास होने वाले हार्मोनल बदलावों को भी SCAD से जुड़े संभावित कारकों में माना जाता है। हालांकि इसके पीछे की पूरी वजह अभी स्पष्ट नहीं है और इस पर लगातार रिसर्च हो रही है।
तनाव और ज्यादा मेहनत भी बन सकते हैं ट्रिगर
कुछ मामलों में अत्यधिक मानसिक तनाव या अचानक बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत के बाद SCAD सामने आने की बात सामने आई है। भारी वजन उठाना और बहुत ज्यादा मेहनत वाली एक्सरसाइज भी कुछ लोगों में संभावित ट्रिगर हो सकती है। इसके अलावा नसों की एक बीमारी फाइब्रोमस्कुलर डिस्प्लेसिया (FMD) का संबंध भी SCAD से देखा गया है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
सीने में दर्द या दबाव SCAD का प्रमुख लक्षण हो सकता है। इसके अलावा सांस लेने में परेशानी, पसीना आना, कमजोरी या बेचैनी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि कम उम्र या फिट होने का मतलब हार्ट अटैक का खतरा बिल्कुल नहीं होना नहीं है। अगर अचानक सीने में दर्द या असहजता महसूस हो तो इसे गैस या थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए।
इलाज हर मरीज में अलग हो सकता है
SCAD का इलाज मरीज की स्थिति और नस में ब्लॉकेज की गंभीरता देखकर तय किया जाता है। कुछ मामलों में दवाओं और निगरानी से इलाज किया जाता है, क्योंकि प्रभावित नस समय के साथ खुद भी ठीक हो सकती है। वहीं गंभीर स्थिति में एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है।
0000SCAD के बाद एक्सरसाइज भी पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं होता। लेकिन कब और कितनी कसरत करनी है, यह डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय किया जाना चाहिए। खासकर भारी वजन उठाने और बहुत ज्यादा मेहनत वाली एक्सरसाइज से बचने की सलाह दी जा सकती है।









