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महाकाल घाटी से महाकाल चौराहा चौड़ीकरण, नगर निगम के साथ लोग खुद ही तोडऩे लगे मकान-दुकान, 39 भवन हटेंगे

महाकाल घाटी से महाकाल चौराहा चौड़ीकरण, नगर निगम के साथ लोग खुद ही तोडऩे लगे मकान-दुकान, 39 भवन हटेंगे

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अधिकतर भवनों का हो रहा था कमर्शियल उपयोग, कई ने हाल ही में शुरू किया था कारोबार, लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। सिंहस्थ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार सुबह से महाकाल घाटी क्षेत्र भवन तोडऩे का काम शुरू हुआ। नगर निगम की टीम के साथ रहवासी खुद अपने भवन तोड़ रहे हैं। अधिकतर भवनों का कमर्शियल उपयोग हो रहा था। ऐसे में यहां रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

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2022 में चौड़ीकरण को लेकर रहवासियों ने न्यायालय से स्टे लिया था जो दो दिन पहले खारिज हो गया। स्टे खारिज होने के बाद गुरुवार से नगर निगम ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी। हालाकि मकान तोडऩे का काम भवन स्वामी खुद कर रहे हैं। परंतु नगर निगम की तीन जेसीबी, एक डंपर, दो लोडिंग गाडिय़ां और नगर निगम की गैंग मौके पर मौजूद है। भवन स्वामियों का कहना है भवन को ज्यादा नुकसान न हो इसलिए बेहतर है कि नगर निगम के बजाय खुद ही तोड़ लें।

सडक़ चौड़ीकरण के लिए महाकाल घाटी से महाकाल चौराहा, महाकाल चौराहा से कोट मोहल्ला चौराहा, गुदरी से सवारी मार्ग को चौड़ा होना है। गुरुवार सुबह 6 बजे से पुलिस बल के साथ नगर निगम की टीम पहुंच गई थी। नगर निगम के असि. इंजीनियर दीपक टोकरिया ने बताया मंदिर से घाटी तक सडक़ को 24 मीटर चौड़ा किया जाएगा। क्षेत्र के लोग स्टे लाए थे , जो खारिज हो चुका है। स्टे खारिज होने के बाद मंगलवार को नोटिस जारी किए गए और दो दिन निशान लगाने के बाद गुरुवार सुबह 6 बजे से काम शुरू किया है। कुल ३९ स्ट्रक्चर टूटेंगे। चौड़ीकरण का काम स्मार्ट सिटी प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।

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अभी महाकाल घाटी में ही काम चल रहा है

शहर की कई सडक़ों का चौड़ीकरण होना है। इंजीनियर टोकरिया ने बताया गुरुवार को महाकाल घाटी क्षेत्र में ही काम चल रहा है। आगामी दिनों में दूसरी साइडें भी खोली जाएंगी। आज क्रेन भी मंगवाई है जरूरत हुई तो उनका भी उपयोग होगा।

चौड़ीकरण के पक्ष में नहीं हैं महाकाल घाटी क्षेत्र के व्यापारी

महाकाल घाटी क्षेत्र के व्यापारी मार्ग चौड़ीकरण के पक्ष में नहीं है। उन्होंने न्यायालय की शरण भी ली परंतु स्टे खारिज हो गया। होटल संचालकों का कहना है एक होटल में 20 से 25 कर्मचारी काम करते हैं। चौड़ीकरण के बाद होटल छोटी हो जाएगी। व्यवसाय प्रभावित होगा तो कर्मचारियों के परिवार भी प्रभावित होंगे।

महाकाल घाटी से महाकाल चौराहा मार्ग चौड़ीकरण में सबसे ज्यादा नुकसान अपंग सेवा आश्रम भवन को हुआ है। इस भवन की निचली मंजिल पर दुकानें और ऊपरी मंजिल पर रेस्टोरेंट संचालित होते हैं। इन सभी को भारी नुकसान हुआ है।

इस भवन में 16 दिन पहले ही एकता शिंदे ने विट्ठल रेस्टोरेंट (डमरूवाला की जगह पर)शुरू किया था। शानदार इंटीरियर, कुशन का प्रयोग उन्होंने किया था। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी ऐसा कुछ हो जाएगा कि भविष्य अंधेरे में आ जाएगा। उनका रेस्टोरेंट बंद हो चुका है और भवन तोड़ा जा रहा है।

45 लाख का लोन चुकाने का संकट

कुछ ऐसा ही हाल सम्राट भोजनालय का भी है। 64 साल पुराने सेवा आश्रम भवन में शुभम पालीवाल रेस्टोरेंट संचालित कर रहे थे। उन्होंने 45 लाख का लोन लेकर रेस्टोरेंट को लग्जरी बनाया था। अब यह भी टूट गया है। उनके सामने लोन चुकाने के साथ रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

रोजी-रोटी कैसे चलेगी

इसी भवन में भक्ति भंडार का संचालन करने वाले मनोज शर्मा भी परेशान हैं। दुकान टूटने से उनके सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

खुद ही तोड़ लें ज्यादा बेहतर है

होटल संचालक आलोक शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में लॉज, होटल के संचालक हैं और यह रहवासी क्षेत्र भी है। नगर निगम भवन तोडऩे को तैयार है परंतु उनके मजदूर तोड़ेंगे तो भवन को ज्यादा नुकसान होगा। दीवारें भी कमजोर हो सकती हैं। इससे बेहतर है कि खुद ही तोड़ लें तो मरम्मत करवाने में ज्यादा खर्च नहीं होगा।

दो दिन में ही कार्यवाही शुरू कर दी

व्यापारी उदयन पारीख ने बताया सडक़ के दोनों तरफ 20-20 फीट जगह जा रही है। स्टे खारिज होते ही दो दिन में नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी। थोड़ा समय देना चाहिए था।

कपड़ा व्यवसायी आकाश शर्मा ने बताया 600 मीटर मैदान क्षेत्र बनाने की योजना थी परंतु अब 24 मीटर सडक़ चौड़ी कर रहे हैं। तोडफ़ोड़ की कार्रवाई के लिए समय देना चाहिए था।

24 मी. चौड़ा होगा रोड

महाकाल मंदिर के सामने से महाकाल घाटी तक २०२२ में रोड चौड़ीकरण प्रस्तावित था। तब ३९ भवन मालिक हाई कोर्ट गए थे। वहां से स्टे खारिज हो चुका है। अब भवन मालिक ही अपना निर्माण हटा रहे हैं। निगम की टीम उनका सहयोग कर रही है। बाबा महाकाल की कृपा से सब काम हो रहा है।-संतोष टैगोर, अपर आयुक्त (सिंहस्थ) नगरनिगम

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