शाही मस्जिद मसले में सक्रिय हुए जालसाज, बारकोड से मांग रहे राशि

करतूत : मरम्मत और निर्माण का हवाला देकर धोखेबाज और ठग वसूल रहे समाजजनों से चंदा
मस्जिद कमेटी ने फ्रॉड से बचने के लिए जारी की अपील, कहा चंदा नहीं दें
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जालसाज, ठग और धोखेबाज मौके का फायदा उठाने का कोई अवसर नहीं चूकते। ताजा मामला कंठाल चौराहा-छत्रीचौक चौड़ीकरण के दायरे में आ रही शाही मस्जिद का है। शाही मस्जिद की मरम्मत के नाम पर फ्रॉड सक्रिय हो गए हैं और वे बार कोड लगाकर चंदा जुटा रहे हैं। ऐसे में शाही मस्जिद के सदर को कतिपय लोगों को चंदा नहीं देने की अपील जारी करनी पड़ी है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।
दरअसल, शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा चौड़ीकरण के दायरे में आ रहा है। इसे लेकर करीब एक सप्ताह से मशक्कत चल रही है। गुरुवार को ही मस्जिद की बड़ी मीनार हटाते समय हाइड्रा क्रेन का बेल्ट टूट गया था और मलबा गिरने से मस्जिद की छत को नुकसान हुआ था। छत सहित मस्जिद की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। शाही मस्जिद कमेटी इसका काम अपने खर्च पर करवा रही है। मरम्मत के काम के बीच ठगों ने भी अपना खेल शुरू कर दिया है। उन्होंने रिपेयरिंग के नाम पर मोहल्ले-मोहल्ले, ऑनलाइन और बारकोड से चंदा मांगना शुरू कर दिया है। इस बात की जानकारी लगने पर मस्जिद कमेटी के सदर ने इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर अपील जारी की।
आइए जानते हैं अब्दुल के स्टेटमेंट को
शाही मस्जिद मामले में अब तक किसी से एक रुपया का चंदा नहीं लिया। सुनने में आ रहा है कि शाही मस्जिद के नाम से चंदा एकत्र किया जा रहा है। बारकोड, ऑनलाइन, वाटस एप , इंस्टाग्राम और मोहल्ले में जाकर यह चंदा एकत्र किया जा रहा है। शाही मस्जिद कमेटी ने कोई बारकोड जारी नहीं किया है। ना ही चंदा लेना शुरू किया है। अगर मदद करनी है तो वह शाही मस्जिद कमेटी को करें। अभी तक कमेटी ने एक रुपया भी नहीं लिया है। अगर आपको चंदा देना है, मदद करना है तो पहले छानबीन करें। हमारी कमेटी से संपर्क करें।
हम बहुत दु:खी है कि कोई ऑनलाइन चंदा ले रहा है तो कोई मोहल्ले-मोहल्ले जाकर ऑफलाइन चंदा एकत्र कर रहा है। ऐसा नहीं करें।
अक्षरविश्व ने इस संबंध में सदर अब्दुल मन्नान से बात की। मन्नान ने कहा कि उन्हें चंदा एकत्र करने की जानकारी मिली है। अभी पुख्ता सबूत सामने नहीं आए हैं। अगर सामने आते हैं तो संबंधित के खिलाफ कमेटी की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विधायक मसूद के बयान पर बोले कांग्रेसी सूचना नहीं थी, अगर होती तो मिलने जाते
उज्जैन। भोपाल के विधायक आरिफ मसूद के स्थानीय कांग्रेसियों के नहीं मिलने आने के बयान पर उज्जैन के स्थानीय कांग्रेसियों ने भी पलटकर जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि मसूद साहब के आने की जानकारी नहीं थी। अगर होती तो उनसे मिलने जाते और स्वागत भी करते।
दरअसल, विधायक आरिफ मसूद शनिवार शाम शाही मस्जिद मामले की जानकारी लेने के लिए एकाएक उज्जैन पहुंचे थे। उन्होंने कलेक्टर रौशनकुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा से मुलाकात की थी। इस दौरान एक भी स्थानीय कांंग्रेसी उनसे मिलने नहीं पहुंचा था। ऐसे में उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी से शिकायत करने की बात की थी। इस मुद्दे पर अक्षरविश्व ने स्थानीय कांग्रेसियों से बात की।
किसने क्या कहा
सूचना होती तो जरूर जाते
विधायक आरिफ मसूद के आने की जानकारी नहीं थी। अगर होती तो जरूर मिलने जाते। शहर कांग्रेस कमेटी उज्जैन आने वाले पार्टी के हर बड़े नेता का सम्मान करती रही है। मसूद जी का भी करते।
मुकेश भाटी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष
संगठन स्तर पर सूचना नहीं थी
विधायक आरिफ मसूद के आने की जानकारी संगठन स्तर पर किसी को नहीं थी। अगर प्रॉपर सूचना होती तो उनसे मिलते। स्वागत करते।
रवि राय, नेता प्रतिपक्ष
मैं अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष, मुझे ही जानकारी नहीं
मैं कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष हूं। मुझे ही मसूद साहब के आने की जानकारी नहीं थी। अगर सूचना होती तो उनसे मिलते और अपनी बात भी रखते।
इमरान खान, पार्षद और जिलाध्यक्ष कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ









