रंगोली सजेगी, झांकियां बनेंगी, पूजन-अनुष्ठान होंगे, रोजाना हरि कीर्तन

7 दिवसीय उमा-सांझी महोत्सव कल से श्री महाकाल महालोक में 12 को सवारी और जवारे विसर्जन से होगी पूर्णाहुति
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकाल महालोक में मंगलवार से रंगोली सजेगी, झांकियां बनेंगी और पूजन-अनुष्ठान का दौर शुरू होगा। रोजाना शाम 5 बजे से ग्वालियर के योगेश पुरंदरे (ढोली बुआ) एवं टीम का हरि कीर्तन होगा।
मौका होगा 7 दिवसीय उमा-सांझी महोत्सव का। मंगलवार से शुरू होने वाले उत्सव का समापन 12 अक्टूबर को होगा।
दरअसल, श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी एवं पुरोहित सालों से यह उत्सव मना रहे हैं। इसके तहत प्राचीन सांझी जी शिला पर रोजाना आकर्षक-कलात्मक रंगोली सजाई जाती है। भगवान श्री महाकालेश्वर के विभिन्न स्वरूपों के मुखौटों की मनोहारी झांकियां बनाई जाती हैं। इस दौरान पूजन-अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पारंपरिक प्रतियोगिताएं भी होती हैं।
महोत्सव में किस दिन क्या
6 अक्टूबर- मंगलवार। घट स्थापना एवं वसंत पूजा
संध्या आरती के बाद 21 ब्राह्मण वसंत पूजा करेंगे। महाकाल महालोक में खरगोन के संजय महाजन का लोक नृत्य और नर्मदापुरम की ममता मिश्रा का लोक गायन होगा।
7 अक्टूबर- बुधवार चित्रकला प्रतियोगिता
चित्रकला प्रतियोगिता होगी। शाम को भोपाल की शीला त्रिपाठी का लोक गायन, उज्जैन की डॉ. श्रीमती संजना चौहान का समूह लोक नृत्य और काव्या नागर की सिंगल लोकनृत्य प्रस्तुति होगी।
8 अक्टूबर- गुरुवार श्लोक पाठ प्रतियोगिता
श्लोक पाठ प्रतियोगिता होगी। शाम को मंदसौर की गायत्री धाकड़ और इंदौर की शीतल अत्रे का लोक गायन होगा। प्रतिभा संगीत कला संस्थान, उज्जैन की लोक नृत्य समूह प्रस्तुति होगी।
9 अक्टूबर- शुक्रवार रंगोली प्रतियोगिता
रंगोली प्रतियोगिता होगी। शाम को तृप्ति नागर एवं प्रियंका सेन का लोक गायन होगा। जयपुरी की सानिका साठे लोक नृत्य की प्रस्तुति देंगी।
10 अक्टूबर। शनिवार। तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता एवं रात्रि जागरण
तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता होगी। शाजापुर के दिनेश कुमार धोलपुरे का गायन, उज्जैन की विनती जैन, का समूह लोक नृत्य और उज्जैन की हिया चौबे का सिंगल लोक नृत्य होगा।
रात 11.00 से सभामंडप में जसवंत शर्मा (जस्सू गुरु) मंडली का सुंदरकांड पाठ एवं रात्रि जागरण होगा।
11 अक्टूबर- रविवार। कन्या पूजन एवं कन्या भोज
श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र में कन्या पूजन एवं कन्या भोज होगा।
12 अक्टूबर- सोमवार। उमा माता की सवारी एवं जवारे विसर्जन
शाम 4 बजे मंदिर सभामंडप से उमा माता की सवारी निकलेगी। पारंपरिक सवारी में जवारे का विसर्जन किया जाएगा।









