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‘जय जोहार’ बोलने पर गाली-गलौज का आरोप, थाना प्रभारी सस्पेंड

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान ‘जय जोहार’ बोलने पर अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज के मामले में मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मामले का संज्ञान लिया है।

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राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि जांच में यदि अन्य लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा ने थाना प्रभारी के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने और उनकी सेवा समाप्त करने की मांग की है। वे शाम 4 बजे पुलिस कमिश्नर संजय कुमार को ज्ञापन सौंपने जाने वाले हैं।

‘जय जोहार’ बोलने पर भड़के टीआई!

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मामला मंगलवार को भोपाल के मिसरोद इलाके का है। यहां गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के स्टूडेंट विंग ने छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान ‘जय जोहार’ का नारा लगाने पर थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार के कथित तौर पर भड़कने का मामला सामने आया।

घटना के वायरल वीडियो में थाना प्रभारी छात्रों के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में वे छात्रों से ‘यहीं कूट दूंगा’ कहते भी नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी विधायकों और विभिन्न संगठनों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

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मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, विभागीय जांच शुरू

मामले को लेकर बढ़ते विरोध के बीच पुलिस विभाग ने थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया। पुलिस कमिश्नर ने विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने भी स्पष्ट किया कि जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एट्रोसिटी एक्ट में FIR और सेवा समाप्ति की मांग

जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा ने थाना प्रभारी के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने सेवा समाप्ति की मांग भी उठाई है।

फिलहाल थाना प्रभारी का निलंबन और विभागीय जांच की कार्रवाई सामने आई है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और संबंधित अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगी।

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