जब आग की लपटों में फंसी तीन जिंदगियां, TI ने जान की बाजी लगाकर बचाया परिवार

कारतूस ढाबे के पास मकान में लगी थी आग, नीचे दुकान में भरा था ऑयल और ऊपर रखी थीं गैस की टंकियां
नागदा। आधी रात को मकान में लगी आग के बीच जिंदगी और मौत से जूझ रहे एक परिवार के लिए पुलिस की तत्परता जीवनरक्षक साबित हुई। शुक्रवार रात करीब एक बजे हाई-वे पर रात्रि गश्त कर रहे थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी की नजर कारतूस ढाबे के पास स्थित दो मंजिला मकान से उठती आग की लपटों पर पड़ी। मकान के चारों ओर आग फैली थी और अंदर फंसे लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। हालात की गंभीरता को देखते हुए टीआई ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया।
मकान के निचले हिस्से में स्थित दुकान में बड़ी मात्रा में ऑयल भरा हुआ था, जबकि दूसरी मंजिल पर गैस की दो भरी हुई टंकियां रखी थीं। आग के बीच फंसे लोगों के लिए बाहर निकलने का रास्ता नहीं बचा था। फायर ब्रिगेड के पहुंचने में समय लग रहा था। ऐसे में थाना प्रभारी ने तत्काल निर्णय लेकर अपनी टीम और मौके पर मौजूद ग्रामीणों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया।
आग से घिरे पदम सिंह, उनकी पत्नी नेहा कुंवर और पुत्र युजीत सिंह को बचाने के लिए नीचे मौजूद पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने घेरा बनाकर उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने की व्यवस्था की। तीनों ने दूसरी मंजिल से छलांग लगाई, जिन्हें नीचे मौजूद लोगों ने संभालकर सुरक्षित बचा लिया। इस बचाव में तीनों की जान बच गई और कोई जनहानि नहीं हुई।
पुलिस टीम और नगर रक्षा समिति की भूमिका सराहनीय
ब चाव अभियान में थाना प्रभारी गवरी के साथ एएसआई प्रभुलाल मुनिया, डायल 112 की टीम तथा नगर रक्षा समिति के सदस्य राजेश मोरवाल और ग्रामीणों ने सहयोग किया। थाना प्रभारी गवरी इससे पहले भी दो बार सीपीआर देकर लोगों की जान बचा चुके हैं। आधी रात को संकट में फंसे परिवार को सुरक्षित निकालने की इस कार्रवाई ने पुलिस की तत्परता और मानवीय भूमिका को एक बार फिर सामने रखा।




