ओबीसी के 27% आरक्षण पर सीएम का बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने लगाई गुहार
अक्षरविश्व न्यूज भोपाल। मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को बताया कि ओबीसी आरक्षण के संबंध में उच्च न्यायालय के फैसले का बिंदुवार अध्ययन करने के बाद राज्य सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ओबीसी वर्ग के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और इस मामले का न्यायसंगत एवं तार्किक समाधान निकालने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में ओबीसी महासभा के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडलों ने मध्यप्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर उच्च न्यायालय के 9 अक्टूबर 2026 के फैसले के संबंध में अद्यतन आंकड़ों के आधार पर संवैधानिक समाधान निकालने और ओबीसी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने की मांग की। इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर राज्य सरकार की नीति और नीयत स्पष्ट है। सरकार न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित करने और ओबीसी वर्ग के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर होने के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।









