अफसरों से बोले : मैं कुछ नहीं सुनना चाहता, फील्ड में जाओ, समस्या दूर करो

नए काम अभी बंद करो पुराने काम की गलतियां पहले ठीक करो
सीवरेज के बैक वाटर पर पहली बार महापौर मुकेश टटवाल बिफरे, तीखे तेवर दिखाए
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अमूमन शांत रहकर सदन और पार्टी फोरम पर अपनी बात रखने वाले महापौर मुकेश टटवाल गुरुवार को नगरनिगम के अफसरों पर बिफर पड़े। उन्होंने अफसरों से कहा मैं कुछ नहीं सुनना चाहता, आप लोग बैठकें बंद करो, फील्ड पर जाओ। पुराने कामों की गलतियां पहले ठीक करो, फिर नए काम शुरू करो।
दरअसल, महापौर कार्यालय में सीवरेज प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक रखी गई थी। सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर पूरा शहर हलाकान है। त्योहारी सीजन में लोगों को प्रोजेक्ट के कारण कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाल यह है कि कहीं गड्ढे खोद दिए हैं तो कनेक्शन नहीं किए हैं, कहीं कनेक्शन कर दिए हैं तो उन्हें आगे नहीं जोड़ा है, कहीं बैक वाटर लोगों के घरों में घुस रहा है और कहीं चैंबर चोक होने से उफन रहे हैं।
शिकायत के लिए नंबर पर नंबर
महापौर ने कहा लोग सीवरेज प्रोजेक्ट से इस कदर परेशान हैं कि वह नंबर पर नंबर लगाए जा रहे हैं। वह एक नंबर डायल करते हैं तो उन्हें दूसरा नंबर दे दिया जाता है, दूसरा लगाते हैं तो तीसरा दे दिया जाता है। इससे परेशान होकर वह खुद ही चैंबर और पाइप तोड़ रहे हैं। इस समस्या की सबसे बड़ी वजह है कम्युनिकेशन गैप। अधिकारियों-कर्मचारियों का आम आदमी से कोई संवाद ही नहीं हो रहा है।
5 मिनट में ही मीटिंग खत्म
मीटिंग जैसे ही शुरू हुई महापौर का गुस्सा फट पड़ा। उन्होंने कहा यहां बैठकर समीक्षा करने से कुछ नहीं होगा। मैं सीवरेज प्रोजेक्ट के बारे में कुछ नहीं सुनना चाहता। पार्षद से लेकर आम शहरी तक प्रोजेक्ट से त्रस्त है। कहीं चैंबर ओवरफ्लो हो रहे हैं तो कहीं पाइप जोड़ दिए हैं तो पानी आगे नहीं बढ़ रहा है।
बुधवरिया में बैंक के पास चैंबर ओवरफ्लो हो रहा है। वहां के रहने वाले बोल रहे हैं कि हमारे बच्चे बीमार हो रहे हैं। टटवाल ने कहा कि मैं सीवरेज के बारे में कुछ नहीं सुनना चाहता। आप लोग पार्षदों के साथ मीटिंग करें। उनके साथ फील्ड में जाएं, देखें आखिर समस्या कहां और क्यों आ रही है। बड़ी-बड़ी मीटिंग करने के बजाय छोटी-छोटी मीटिंग्स करें। पहले पुराने कामों में आ रही दिक्कतों को दूरे करें, फिर नए काम शुरू करें। महापौर के तेवर इतने तीखे थे कि उन्होंने पांच मिनट में ही मीटिंग खत्म कर दी।
क्या आ रही है दिक्कत
सीवरेज प्रोजेक्ट के कारण पूरा शहर खोद दिया गया है।
खुदाई के बाद रेस्टोरेशन(मरम्मत) काम नहीं किया गया है। खोदे गए गड्ढे गहरे हो रहे हैं और लोगों को आने-जाने में समस्या हो रही है।
गड्ढों के कारण धूल ही धूल हो रही है और लोग परेशान हो रहे हैं।
कहीं घर से कनेक्शन तो कर दिए हैं लेकिन इन्हें आगे नहीं जोड़ा है। ऐसे में बैक वाटर घरों तक आ रहा है।
कहीं चोक चैंबर में ही कनेक्शन जोड़ दिए हैं, इस वजह से पानी सड़क पर फैल रहा है।
और नगरनिगम ने यह बताया
सीवरेज प्रोजेक्ट की बैठक में ओवरफ्लो चैंबर की समस्या का तत्काल निराकरण करने का कहा। चैंबरों से हाउस कनेक्शन जोडऩे और बैक वाटर की समस्या को तुरंत दूर करने का कहा गया। रेस्टोरेशन का काम भी तेजी से करने के निर्देश दिए गए। आम आदमी को ट्रैफिक की समस्या बिल्कुल भी नहीं होने देने की बात की।









