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ब्रजराजखेड़ी में बोमा सफल नहीं, कैसूनी में हो रहा प्रयास

ढाई घंटे तक राबिनसन हेलिकॉप्टर-44 ने उड़ान भरी, लेकिन भाग निकली नीलगाय, सिर्फ दो पकड़ी

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अक्षरविश्व न्यूजउज्जैन। किसानों को नीलगाय से मुक्ति दिलाने के लिए वनविभाग द्वारा अपनाई गई हेलिकॉप्टर बोमा की ट्रिक ब्रजराजखेड़ी में सफल नहीं रही। ढाई घंटे तक उड़ान भरने क बाद भी राबिनसन हेलिकॉप्टर सिर्फ दो ही नीलगाय को बोमा तक लाने में सफल रहा। आज कैसूनी में नीलगायों की घेराबंदी की जाएगी।

दरअसल, उज्जैन में पांच गांव में नीलगायों का आतंक ज्यादा है। ब्रजराजखेड़ी, दताना-मताना, कैसूनी, ताजपुर और हासामपुरा में नीलगाय किसानों की फसलों को रौंद देती हैं,चट कर जाती हैं। सड़क पर अचानक तेज रफ्तार से दौडऩे के कारण यह हादसे का कारण भी बनती हैं।

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इन सब स्थितियों को देखते हुए ही बोमा पद्धति से इनको पकडऩे का प्लान बनाया गया है। करीब तीन महीने से यह कवायद चल रही है। पहले चरण में वनविभाग की टीम ने बाइक से घेरकर नीलगायों को बोमा तक लाने की कोशिश की थी, पर इसमें सफलता नहीं मिली थी।अब शाजापुर में ब्लैक बग (काले हिरण)पकडऩे आई साउथ अफ्रीकन टीम को उज्जैन में नीलगाय पकडऩे के लिए बुलाया गया है। 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक टीम उज्जैन में रहेगी और अपने काम को अंजाम देगी।

राबिनसन ने घेराबंदी की नीलगाय चालाक निकलीं
साउथ अफ्रीकन टीम ने ब्रजराजखेड़ी में चार बीघा खेत में बोमा बनाया था। यहां रविवार को राबिनसन हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी। करीब ढाई घंटे तक वह 50 नीलगायों को खदेड़कर बोमा तक लाने का प्रयास करता रहा लेकिन सिर्फ दो ही नीलगाय यहां तक आ सकीं। भगदड़ मेंं उन्होंने अन्य खेतों में बोई फसलों को भी नुकसान पहुंचा दिया। ऐसे में ग्रामीणों ने भी नाराजगी जताई।

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कैसूनी में बोमा, ग्रामीण को दूर रहने की सलाह
सोमवार को वनविभाग की टीम ने कैसूनी में बोमा लगाया। रात से ही यहां टीम पहुंच गई थी। बोमा के आसपास ग्रामीणों को आने से रोक दिया गया। गांव के दीपक कुवाल ने बताया कि वनविभाग के कर्मी ट्रक लेकर पहुंचे थे।

खेतों में बोवनी के कारण सफलता ज्यादा नहीं
ब्रजराज खेड़ी में बोमा से नीलगाय पकडऩे में ज्यादा सफलता नहीं मिली। केवल दो ही नीलगाय पकड़ी जा सकी। इसकी वजह यह रही कि यहां किसानों ने बोवनी कर दी थी।कैसूनी में खुला एरिया ज्यादा है, यहां सफलता मिलने की उम्मीद ज्यादा है।
विक्रम सिंह सोलंकी
एसडीओ वन विभाग

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