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भूखीमाता मंदिर में बनेगी यज्ञशाला, हॉल, भोजन शाला और फूड कोर्ट

सिंहस्थ : शिप्रा के तट पर बसे मंदिर को नया पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी

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संभागायुक्त आशीष सिंह और यूडीए अध्यक्ष डॉ. रवि सोलंकी ने मौके पर जाकर देखी डिजाइन

उज्जैन। शिप्रा तट स्थित भूखी माता मंदिर का सिंहस्थ से पहले कायाकल्प होगा। 38722 स्केयवर फीट में यूडीए यहां यज्ञशाला, हॉल, भोजनशाला, फूड कोर्ट, कतार हॉल, पार्किंग बनाएगा। यहां एक ही समय में 250 कार खड़ी की जा सकेंगी। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद शिप्रा किनारे बसे इस मंदिर के नया पर्यटन केंद्र बनने की संभावना बढ़ जाएगी। गढ़कालिका मंदिर को भी विकसित किया जाएगा।

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गुरुवार को स्थल का मुआयना करने संभागायुक्त आशीषसिंह और यूडीए अध्यक्ष डॉ. रवि सोलंकी पहुंचे। दोनों ने प्रस्तावित प्रोजेक्ट की डिजाइन मौके पर देखी और इसमें जरूरी करेक्शन किए। यूडीए अफसरों ने दोनों को काम की जानकारी दी।

आइए समझते हैंं मंदिर के प्रोजेक्ट को

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भूखी माता मंदिर प्रोजेक्ट

एरिया- 38722 स्केवयर फीट

लागत- 106.57 करोड़

क्या होगा- 250 कारों की क्षमता वाली 7645 स्केवयर फीट की पार्किंग होगी।

2 हजार श्रद्धालुओं की क्षमता वाला 514 वर्गमीटर का हॉल बनेगा।

4342 स्केवयर मीटर की यज्ञशाला बनेगी। इसमें 211 हवनकुंड होंगे। एक समय में 844 श्रद्धालु बैठकर हवन कर सकेंगे।

भोजनशाला के साथ फूड कोर्ट होगा।

मंदिर के प्रबंधन के लिए प्रशासनिक भवन बनेगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टॉयलेट बनाए जाएंगे।

घाट का सौंदर्यीकरण होगा।

1.2 हेक्टयर मे विकसित होगा गढ़कालिका क्षेत्र
प्रोजेक्ट के तहत गढ़कालिका क्षेत्र को भी विकसित किया जाएगा। 1.2 हेक्टेयर भूमि में विकास काम किए जाएंगे। प्रोजेक्ट के तहत मंदिर में रेड स्टोन लगाया जाएगा। मंदिर को चारों तरफ से सड़क से कवर किया जाएगा। ताकि किसी भी द्वार से श्रद्धालु प्रवेश ले सकें।

अभी मंदिर का हॉल छोटा है, इस वजह से दो ही कतार से दर्शन होते हैं। इसे इस तरह विकसित किया जाएगा कि हॉल में चार कतार आसानी से लग जाए। मंदिर की डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। दोनों प्रोजेक्ट अक्टूबर 2027 तक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।

दोनों प्रोजेक्ट से मंदिरों का स्वरूप भव्य होगा
भूखी माता और गढ़कालिका प्रोजेक्ट से मंदिरों का स्वरूप भव्य होगा। भूखी माता मंदिर प्रोजेक्ट से श्रद्धालुओं की संख्या बढऩे की उम्मीद रहेगी, क्योंकि शिप्रा किनारे स्थित इस मंदिर में पर्यटन का नया केंद्र बनने की क्षमता है।
डॉ रवि सोलंकी
अध्यक्ष यूडीए

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