इंदौर का युवक खाचरौद में कर रहा था गांजे की खेती

डेढ़ किलो से ज्यादा सूखा गांजा और 14 पौधे बरामद
पुजारी पिता के पास रह रहा था, परिवार अहमदाबाद में
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। इंदौर के एक युवक ने खाचरौद के बुरानाबाद के सगस मंदिर के पीछे स्थित जंगल को गांजे की खेती का ठिकाना बना लिया। वह यहां गांजा उगाता, उसकी पत्तियों को सुखाता और फिर बाजार में बेच देता। उससे 1.6 किलोग्राम सूखा गांजा, दस फीट ऊंचे गांजे के 14 पौधे बरामद किए गए हैं। आरोपी अपने माता-पिता के साथ रहता था। उसके पिता मंदिर के पुजारी हैं और वह दृष्टिहीन हैं।
दरअसल, इंदौर की सागरविहार कॉलोनी के मकान नंबर 38 में रहने वाला अनिल सौराष्ट्रीय इन दिनों खाचरौद के बुरानाबाद में रह रहा था। उसके पिता राजेेंद्र सिंह गांव के सगस बावजी और महादेव मंदिर के पुजारी हैं। वे मंदिर के पास ही कुटिया बनाकर पत्नी के साथ रहते हैं। टीआई धनसिंह नलवाया ने बताया कि आरोपी भी यहां आता-जाता है। उसने कुटिया के पीछे की जमीन पर गांजे के पौधे लगा रखे थे। यह पौधे दस फीट ऊंचे थे। इनकी पत्तियां सुखाकर वह सूखा गांजा तैयार करता था ,फिर से बाजार में बेच देता था। आरोपी से 1 किलो 626 ग्राम सूखा गांजा, 26 किलो गांजे के पौधे बरामद हुए।
पत्नी अहमदाबाद में
अनिल की शादी हो चुकी है। उसकी पत्नी अहमदाबाद में रहती है। वह खुद इंदौर में रहता है और बुरानाबाद आता-जाता रहता है। टीआई के मुताबिक ईद मिलादुन्नबी की व्यवस्था के कारण आरोपी से पूछताछ नहीं हो सकी है।पर जिस तरह से सूखा गांजा मिला है,उससे यह तय है आरोपी प्रोफेशनल तौर पर गांजा तैयार कर रहा था।
क्या है गांजा
गांजे का वानस्पतिक नाम कैनबिस सेटिवा है। इसके फूल और पत्तियों का उपयोग नशे के तौर पर होता है। इसमें टेट्राहाडड्रोकैनबिनोल नामक केमिकल होता है, जो दिमागी संतुलन, याददाश्त और सोचने की क्षमता को कमजोर करता है। आदी होने पर यह हेल्थ पर गहरा आसर डालता है। इसलिए इस पर बैन है।









