Advertisement

नदी में फूल व निर्माल्य की गंदगी के बीच हुआ अमावस्या का पर्व स्नान

पीएचई ने पानी का लेवल कम कर दिया, नगर निगम ने नहीं कराई साफ-सफाई

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन अमावस्या पर्व को लेकर शिप्रा नदी में स्नान करने सुबह हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे लेकिन नगर निगम व पीएचई अफसरों की अनदेखी के कारण लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।पीएचई द्वारा शिप्रा नदी में पानी का लेवल कम करने के लिये बड़े पुल के पास स्थित स्टापडेम के गेट खोलकर करीब डेढ़ फीट पानी आगे बहा दिया जिसका परिणाम यह हुआ कि नृसिंहघाट से लेकर छोटे पुल तक बने घाटों की दो सीढिय़ों से पानी कम हुआ तो काई के कारण फिसलन हो गई।

सुबह यहां पर्व स्नान करने आये लोग काई की फिसलन के कारण गिर रहे थे। नदी में लोगों द्वारा विसर्जित की गई निर्माल्य सामग्री नदी के घाटों के किनारे पड़ी थी। गंदगी के बीच लोगों ने पर्व स्नान किया। यहां तक कि नगर निगम द्वारा घाटों में महिलाओं की सुविधा के लिये कपड़े बदलने के शेड तक नहीं लगाये गये थे ऐसे में महिलाओं को खुले में ही कपड़े बदलना पड़े।

Advertisement

साफ पानी का दावा, दूषित में स्नान

पीएचई अफसरों द्वारा पर्व स्नान के लिये शिप्रा नदी में नर्मदा का पानी मिलाने का दावा किया गया जबकि सुबह श्रद्धालुओं ने पहले से नदी में स्टोर दूषित पानी में ही स्नान किया।

Advertisement

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें