धर्मं/ज्योतिष
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79/84 महादेव : श्री हनुमत्केश्वर महादेव मंदिर
श्री हनुमत्केश्वर महादेव मंदिर सर्वलोकेषु तस्यैव गतिर्न प्रतिहन्यते। दिव्येनैश्वर्ययोगेन युज्यते नात्र संशय:।। बालसूर्यप्रतिकाशविमानेन सुवर्चसा। वृत: स्त्रीणां सहस्रैस्तु स्वच्छन्दगमनागम:।। (अर्थात् –…
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78/84 महादेव : श्री अविमुक्तेश्वर महादेव मंदिर
श्री पुष्पदंतेश्वर महादेव मंदिरजन्ममृत्युभयं हित्वा स याति परमां गतिम। य:पूजयति भावेन ह्याविमुक्तेश्वरं शिवम। ब््राह्महाऽपि च यो गच्छेदविमुक्तेश्वर यजेत। तस्य लिंगस्य…
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77/84 महादेव:श्री पुष्पदंतेश्वर महादेव मंदिर
नतस्यसन्ततिच्छेदोय: पश्यति दिनेदिने। नियमेन गणाध्यक्षजायतेब्रह्मणोदिनम। (अर्थात- जो प्रतिदिन पुष्पदन्तेश्वर का दर्शन करेगा उसकी वंश परंपरा उच्छिन्न नहीं होगी।) यह मन्दिर…
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इस बार शिव योग में मनेगी नाग पंचमी, जानें क्यों की जाती है नाग देवता की पूजा!
नाग देवता के पूजन का पर्व नागपंचमी इस बार दो अगस्त को मनाई जाएगी। इस तिथि पर विशेष संयोग भी…
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76/84 महादेव:श्री अरुणेश्वर महादेव मंदिर
मोदिष्यन्तिकुले: साद्र्धं पितृमातृसमुद्भवै:। कल्पकोटिसहस्रं तुयेपश्यन्ति समाहिता:।। (अर्थात् – जो यहां मेरा दर्शन करेगा, वह माता-पिता के कुल के साथ कोटि…
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75/84 महादेव:श्री बड़लेश्वर महादेव मंदिर
भविष्यति त्रिलोकेषु विख्यातोनेत्रदायक:। पूजयिष्यन्तियेदेवं वडलेश्वरसंज्ञकम। लिंगलोकेषुविख्यातंतेप्राप्स्यन्तिमनोरथम। (अर्थात्- इनके दर्शनमात्र से मानव को नेत्र लाभ होता है। जो इन देव की…
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74/84 महादेव: श्री राजस्थलेश्वर महादेव मंदिर
दृष्टवा राजस्थले देवं योऽत्रयात्रांकरिष्यति। तस्य श्रीर्विजयश्चैवभवत्येव वरोमम। शत्रव: सड्क्षयं यान्तु सम्पद्यन्तां मनोरथा:।। (अर्थात्- जो मानव राजस्थल में देवदर्शन तथा यात्राविधान…
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73/84 महादेव:श्री करभेश्वर महादेव मंदिर
व्याधयो नोपजायन्ते दारिद््रय न कदाचन्। ऐष्वर्यंचातुलंतेषां जायते दर्शनात्सदा।। (अर्थात्- करभेश्वर लिंग के दर्शन के फलस्वरूप मानव को व्याधि तथा दरिद्र…
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72/84 महादेव:श्री चंद्रादित्येश्वर महादेव मंदिर
ये पश्यिन्ति नरा भक्त्या चन्द्रादित्येश्वरं शिवम्। ते यान्ति सूर्यलोकं तु चन्द्रलोकं तथैव च।। (अर्थात्- जो भक्ति भाव के साथ चन्द्रादित्येश्वर…
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71/84 महादेव : श्री प्रयागेश्वर महादेव
येपश्यन्ति चतुद्र्दष्यामष्टम्यां च विशेषत:। भक्त्या च नियमंकृत्वाप्रयागेश्वरसंज्ञकम्।। कलास्तिस्त्रो भविष्यन्ति लिंगेऽस्मिन्मोक्षदे शुभे। गंगा च यमुना प्राची सर्वपातकनाशिनी।। (अर्थात्- जो (मनुष्य) चतुर्दशी…