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CM शिवराज के कान में यह ‘मंत्र’ किसने फूंका…खोज रही भाजपा!

अब यूनिटी मॉल के भूमिपूजन की तैयारी, गृहमंत्री शाह के साथ आएंगे शिवराज?

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अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन:सीएम शिवराजसिंह चौहान के कान में वह मंत्र किसने फूंक दिया, जिससे बड़ी चूक हो गई। भाजपा में इस बात की खोजबीन हो रही है। दरअसल, सीएम यह घोषणा भी कर गए कि वे मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन भी अन्नक्षेत्र के साथ करने आएंगे। 28 या 30 सितंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ सीएम का अगला दौरा प्रस्तावित है, लेकिन इसमें मेडिकल कॉलेज अभी शामिल नहीं।

यूनिटी मॉल का टेंडर 25 सितंबर को खुल जाएगा। इस कारण इसका भूमिपूजन गृहमंत्री की उपस्थिति में संभव हो सकेगा लेकिन मेडिकल कॉलेज की अभी योजना ही तैयार नहीं हो सकी है और जमीन को लेकर भी कानूनी अड़चन की स्थिति आ गई है। सीएम को यह स्थिति स्थानीय जन

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बताने की जगह किसी ने संभवत: गलत फीडबैक दे दिया। पार्टी में इस बात की चर्चा है कि सीएम जब भाषण देने से पहले मंच पर बैठे थे, तभी अगल बगल बैठे जनप्रतिनिधियों में से किसी ने मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन की घोषणा की बात कही होगी। इस कारण गलत फीडबैक मिलने से वे मंच से घोषणा करने में चूक कर बैठे।

विधायक जैन को मिली तवज्जो, नया संकेत : सीएम शिवराजसिंह चौहान द्वारा शुक्रवार को विधायक पारस जैन को दी अतिरिक्त तवज्जो के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। सीएम ने जैन से ही सलाह ली कि मंच पर भाषण किस किसके कराने हैं। जैन ने कहा केवल अध्यक्ष का और आपका, क्योंकि समय काफी कम बचा है। सांसद को मंच से बोलने का अवसर नहीं मिला। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव इस बार भी एक कदम आगे ही रहे। उन्होंने सीएम के आने से पहले ही मंच संभाल लिया और लंबा भाषण भी दिया।

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महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने उठाया सारा खर्चा, भीड़ कौन लाया..

मेघदूत वन पार्किंग स्थल पर आयोजित समारोह के आयोजन का खर्चा इस बार महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा उठाने की चर्चा भी है, जबकि इसका निर्माण स्मार्ट सिटी ने कराया। नगर निगम ने साफ सफाई आदि कार्य कराए। पंडाल बनाने से लेकर अन्य तैयारियों का जिम्मा मंदिर प्रबंध समिति ने उठाया।

मंदिर के अधिकारी और कर्मचारी तीन दिनों से तैयारियों में लगे रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर रोष था कि भीड़ उन्होंने बढ़ाई और मंच पर उनको जगह मिली, जो भीड़ लेकर नहीं आए। भीड़ बढ़ाने वाले पार्षदों को आयोजन स्थल पर जाने के लिए भी जद्दोजेहद करनी पड़ी। हालांकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लाकर प्रशासन ने भीड़ बढ़ाने का काम आसान किया। यह रिपोर्ट भी भाजपा संगठन और सीएम तक भेजी गई है।

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