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रामघाट से मंगलनाथ तक शिप्रा नदी में गंदगी देख कलेक्टर नाराज

ठीक से सफाई नहीं होने पर अफसरों को लगाई फटकार

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:15 जून को आयोजित होने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा की तैयारियों को लेकर कलेक्टर द्वारा संबंधित विभागों के अफसरों के साथ शिप्रा नदी के घाटों का निरीक्षण सतत किया जा रहा है। सुबह कलेक्टर नीरज कुमार सिंह बड़े पुल से मंगलनाथ मंदिर की ओर निरीक्षण करने पहुंचे तो उन्होंने नदी में फैली गंदगी देखी तो नाराज हुए और अफसरों को नदी की सफाई कराने के निर्देश भी दिये।


जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत 15 एवं 16 जून को शिप्रा तीर्थ परिक्रमा आयोजित होना है जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने की संभावना है। इसी के चलते प्रशासन द्वारा यात्रा की पूर्व से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। रामघाट पर सफाई व रंगाई पुताई का काम चल रहा है वहीं भूखी माता से लेकर छोटे पुल तक नदी में स्टोर कान्ह के दूषित पानी को बहाकर नर्मदा का साफ पानी स्टोर करने के लिये पीएचई द्वारा काम किया जा रहा है।

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कलेक्टर नीरज कुमार सिंह संबंधित विभागों के अफसरों के साथ प्रतिदिन शिप्रा नदी का निरीक्षण भी कर रहे हैं। सुबह कलेक्टर सिंह बड़े पुल से मंगलनाथ मंदिर की ओर निरीक्षण पर निकले तो उन्होंने चक्रतीर्थ, ऋणमुक्तेश्वर, वाल्मिकी घाट पर नदी के दूषित व काले पानी को देखकर नाराजगी व्यक्त की साथ चल रहे पीएचई अफसरों को तलब कर निर्देशित किया कि नगर निगम सफाई कर्मियों की अतिरिक्त टीम लगाकर पानी में फैली गंदगी साफ कराई जाये।

सिर्फ रामघाट पर रहता है फोकस

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देश भर से शिप्रा नदी में स्नान के लिये आने वाले श्रद्धालु सीधे रामघाट पर ही पहुंचते हैं इस कारण दत्त अखाड़़ा, सुनहरी घाट, रामघाट, सिद्ध आश्रम घाट पर नियमित साफ सफाई होती है और नर्मदा का साफ पानी भी यहीं स्टोर किया जाता है जबकि नदी के शनि मंदिर से लेकर मंगलनाथ व सिद्धनाथ घाट तक नदी में स्टोर दूषित पानी और गंदगी के साथ घाटों की सफाई पर नगर निगम द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता सुबह कलेक्टर निरीक्षण करने पहुंचे तो अव्यवस्था की पोल खुल गई।

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