पार्किंग की लावारिस बाइक से मिला महाराष्ट्र के स्कूल संचालक का पता

उज्जैन में कर रहा था मजदूरी परिजनों को सौंपा
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। माता-पिता से विवाद हुआ और महाराष्ट्र में स्कूल चलाने वाले एक युवक ने बाइक लेकर घर छोड़ दिया। उज्जैन की मालगोदाम पार्किंग में बाइक खड़ी कर वह मजदूरी करने लगा। १५ दिन तक बाइक जब लावारिस खड़ी रही तो जीआरपी को सूचना दी गई। बाइक नंबर से मालिक की जानकारी निकाली तो पता चला वह घर छोड़ चुका है। आखिरकार युवक को पुलिस ने ढूंढ निकाला और परिजनों को सौंप दिया है।
जीआरपी थाना प्रभारी एसके गुप्ता ने बताया चैकिंग के दौरान माल गोदाम पार्किंग में महाराष्ट्र पासिंग बाइक मिली। रजिस्ट्रेशन नंबर से पता किया तो बाइक कांद्री मोहाड़ी जिला भंडारा महाराष्ट्र निवासी सुदर्शन बारई की निकली। रजिस्ट्रेशन में दर्ज मोबाइल पर संपर्क करने पर पता चला कि डेढ़ माह पहले माता-पिता से विवाद के बाद सुदर्शन बाइक लेकर निकला था। उसकी गुमशुदगी आंधकगांव थाने में दर्ज थी। ऐसे में बाइक को जीआरपी थाना लाए और सुदर्शन का फोटो रख सीसीटीवी कैमरे चैक किए। रेल कर्मचारियों और ऑटो चालकों से पूछताछ की। इसी दौरान बाइक तलाशते हुए सुदर्शन जीआरपी थाने पहुंचा। थाना प्रभारी ने बताया सुदर्शन से बातचीत कर परिजन को बुलवाया तथा बाइक सहित उनके सुपुर्द किया है।
स्कूल संचालक है उज्जैन में मजदूरी कर रहा था
आंधकगांव में सुदर्शन स्कूल संचालित करता है। घर से आने के बाद वह उज्जैन में ही रहने लगा। रुपए खत्म हो गए तो स्टेशन पर बाइक खड़ी कर मजदूरी करने लगा। सुदर्शन को परिवार से मिलाने में जीआरपी थाना प्रभारी सुनील कुमार गुप्ता, हेड कांस्टेबल श्यामसुंदर चौबे, कांस्टेबल दिलीप लोधी का योगदान रहा।









