ई-रिक्शा चालक ने पीछा किया फिर रास्ता रोककर की छेड़छाड़

उज्जैन। स्कूल से घर जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही दो बहनों के साथ ई-रिक्शा चालक ने रास्ता रोककर छेड़छाड़ की। दोनों डरकर भागी और जैसे-तैसे घर पहुंचकर घरवालों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर पंवासा थाने पहुंचे। मामले में पुलिस ने केस दर्ज करते हुए ई-रिक्शा चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल, 24 दिसंबर को फरियादिया ने पंवासा पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसमें बताया था कि वह और उसकी बहन दोनों प्रतिदिन साथ-साथ स्कूल से आती-जाती हैं। २४ दिसंबर को शाम करीब 5.30 बजे दोनों स्कूल के बाहर ऑटो का इंतजार कर रही थी तभी ई-रिक्शा क्र. एमपी 13 जेडवाय 3470 के चालक ने उन्हें बैठने के लिए कहा जिस पर उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद ई-रिक्शा चालक ने उनका पीछा किया और शिव टेंट हाउस की गली में रास्ता रोककर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए छेड़छाड़ की। भयभीत होकर दोनों घर भाग गईं और परिजनों को घटना की जानकारी दी। बाद परिजनों के साथ रिपोर्ट दर्ज करवाई।
घटना की गंभीरता एवं छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए टीआई गमर सिंह मंडलोई ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल एवं उसके आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगालेजिसके आधार पर ई-रिक्शा चालक की पहचान अरुण उर्फ सोनू पिता कैलाशचंद्र भील निवासी भारत पेट्रोल पंप के पीछे, पंवासा के रूप में हुई। शनिवार को टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर सिंथेटिक चौराहा के पास से आरोपी को गिरफ्तार करते हुए ई-रिक्शा जब्त की। आरोपी से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। जल्द उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता
उज्जैन पुलिस ने अपील की कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं से संबंधित अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। इस प्रकार की किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके।









