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प्राकृतिक खेती की राह पर चले किसान, खेत में ही तैयार कर रहे जैविक उत्पाद और फसल

चिकली में प्राकृतिक खेती यूनिट का जिला पंचायत सीईओ ने किया अवलोकन

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। ग्राम चिकली के किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। वे अपने खेतों में जैविक उत्पाद और फसल तैयार कर रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कुमट और एएसपी करणदीपसिंह ने चिकली का दौरा किया और यहां चल रहे नवाचार की जानकारी ली। किसान वीरेंद्र सिंह आंजना के खेत पर संचालित प्राकृतिक खेती यूनिट उन्होंने देखी और प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाली विभिन्न विधियों और जैविक इनपुट की जानकारी ली। आंजना ने बताया कि वे करीब दो हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। खेत में सोयाबीन की बुवाई रेज्ड बैड विधि से की गई है। किसान के अनुसार इस पद्धति से तुलनात्मक रूप से बेहतर उत्पादन मिलता है।

खेत पर ही तैयार कर रहे जीवामृत और जैविक खाद
किसान ने जीवामृत, वेस्ट डीकंपोजर और दशपर्णी अर्क तैयार करने की विधियों तथा उनके उपयोग की जानकारी दी। आंजना पशुपालन भी कर रहे हैं। पशुओं से प्राप्त गोबर का उपयोग वे केंचुआ खाद तैयार करने में कर रहे हैं। खेत पर तैयार खाद का उपयोग वे स्वयं के खेत में कर रहे हैं। इस वजह से उन्हें बाहर से खाद की खरीदी नहीं करनी पड़ रही और उनका खर्च बच रहा है। इस तरह खेत में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर वे प्राकृतिक खेती के इनपुट तैयार कर रहे हैं।

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हल्दी प्रोसेसिंग और पाउडर उद्योग भी देखा

अफसरों ने बलेड़ी का मुआयना भी किया। यहां किसान राजेश कुशवाह हल्दी प्रोसेसिंग और उससे पाउडर तैयार कर रहे हैं।यहीं पीएमएफएमई योजना के पापड़ उद्योग का काम भी बेहतर चल रहा है। उन्होंने पापड़ यूनिट का मुआयना किया और कामकाज का तरीका समझा। अफसरों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को नवाचार करने वाले किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहित करने तथा अन्य किसानों को भी इन गतिविधियों से जोडऩे के निर्देश दिए।

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सहायक संचालक कृषि कमलेश कुमार राठौर ने बताया कि कृषि विभाग जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को निरंतर जागरुक और प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि मानव स्वास्थ्य, भूमि के स्वास्थ्य, स्वच्छ पर्यावरण और कम लागत में खेती के मकसद से किसान प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाएं तथा खेत पर उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें।
इस अवसर पर उप संचालक कृषि के.एस. कैन, उप संचालक उद्यानिकी के.एस. मंडलोई, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धीरेन्द्र पाराशर, तहसीलदार अनिल मोरे, वरिष्ठ कृषि अधिकारी जितेन्द्र सोलंकी सहित अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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