रूस में 13,500 फीट की ऊंचाई से लगाई उज्जैन की बेटी ने छलांग… बनाया कीर्तिमान

अमिता गौड़ बनीं प्रदेश की पहली महिला ‘ए’ सर्टिफाइड स्काइडाइवर, कठिन परिस्थिति में लगाई 25 सफल जंप
उज्जैन। आसमान की ऊंचाइयों को छूने के जुनून ने उज्जैन की बेटी अमिता गौड़ को एक नई पहचान दे दी है। अमिता ने रूस की जटिल परिस्थितियों में 13,500 फीट की ऊंचाई से 25 जंप लगाकर कीर्तिमान रच दिया है। वे प्रदेश की पहली महिला ए, सर्टिफाइड स्काइडाइवर बन गई हैं। यह उपलब्धि हासिल करने से पहले उन्होंने रूस के विरोजनी शहर में करीब एक महीने की कठिन ट्रेनिंग ली थी।
उन्होंने अपने एडवेंचर सफर की शुरुआत नेपाल में बंजी जंपिंग से की थी। फिर स्काइडाइविंग के प्रति उनका जुनून बढ़ा और उन्होंने प्रशिक्षण लेकर आगे जाने का फैसला किया।
जटिल परिस्थिति में भी नहीं खोया हौसला
रूस में अमिता ने करीब 13,500 फीट की ऊंचाई से लगभग 25 जंप किए। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध की विपरीत परिस्थिति भी सामने थी। ड्रोन-मिसाइल हमले कब हो जाए, यह पता नहीं था। सुरक्षा कारणों से उन्हें दो रातें बंकर में भी बितानी पड़ीं। खराब मौसम ने भी चुनौतियां पैदा कीं, लेकिन अमिता ने हिम्मत नहीं छोड़ी और मिशन पूरा किया।
एएफएफ से शुरू हुई ट्रेनिंग
स्काइडाइविंग ट्रेनिंग की शुरुआत एक्सलेरेटेड फ्री फाल (एएफएफ) से हुई। इसमें हवा में शरीर का संतुलन बनाए रखना होता है और पैराशूट को नियंत्रित कर सटीक लैंडिंग करनी पड़ती है।
इसमें सबसे बड़ी चुनौत्ी हॉफ एंड पॉप’ जंप रही। इसमें विमान से बाहर निकलने के कुछ ही सेकंड के भीतर पैराशूट खोलना होता है। अमिता ने करीब 5,500 फीट की ऊंचाई से यह चुनौती भी सफलतापूर्वक पूरी की।
फ्री फॉल, सोलो जंप, कैनोपी कंट्रोल और लैंडिंग एक्यूरेसी जैसे कठिन दौर के बीच अमिता ने 25 सफल जंप किए। इस पर ही उन्हें ए’ सर्टिफिकेट मिला।
क्या है ए’ सर्टिफिकेट?
ए’ सर्टिफिकेट स्काइडाइविंग में एक महत्वपूर्ण शुरुआती योग्यता मानी जाती है। इसके बाद स्काइडाइवर आगे की उच्च स्तरीय ट्रेनिंग और प्रमाणपत्र हासिल कर सकता है। इसके बाद बी, सी और डी सर्टिफिकेट मिलते हैं। अमिता फिलहाल मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रही हैं।









