थर्ड पार्टी ऑडिट में खामी, पुलिस हाउसिंग के दो ठेकेदारों पर 5-5 लाख की पैनल्टी

सिंहस्थ : कमिश्नर ने की यूडीए, टूरिज्म, विद्युत वितरण कंपनी के कामों की समीक्षा
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पुलिस हाउसिंग बोर्ड के कामों मेंं ठेकेदार लापरवाही बरत रहे हैं। थर्ड पार्टी ऑडिट में आपत्ति मिलने पर संभागायुक्त ने बोर्ड के लिए काम कर रहे दो ठेकेदारों पर 5-5 लाख रुपए की पैनल्टी लगाई है।
दरअसल, संभागायुक्त सिंहस्थ संबंधी निर्माण कामों की समीक्षा कर रहे थे। वे यूडीए,पुलिस हाउसिंग, पर्यटन विभाग एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कामों की प्रगति देख रहे थे। इसमें पुलिस हाउसिंग बोर्ड के कामों में गड़बड़ी मिली थी। बोर्ड कांस्टेबल क्वार्टर, होमगार्ड लाइन में एनजीओ बैरक, ऑफिसर रेस्ट हाउस, एनजीओ ट्रेनिंग हॉस्टल,सैनिक ट्रेनिंग हॉस्टल, और पुरानी बिल्डिंगों को ठीक कर रहा है।इन सभी काम में थर्ड पार्टी ऑडिट में गड़बड़ी मिली थीं। कमिश्नर ने संबंधित ठेकेदारों पर 5-5 लाख की पैनल्टी लगाने के साथ कामों में मिली खामियों को ठीक करने के आदेश भी दिए।
इन पर भी बात
यूडीए सड़क चौड़ीकरण मामलों के काम में तेजी लाए। हर चौड़ीकरण से पहले सहमति हासिल करे। किसी भी चौड़ीकरण से पहले नोटिस देने की प्रॉपर प्रक्रिया होनी चाहिए। इसमें किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के शनिमंदिर ग्रिड निर्माण काम मेें लेटलतीफी पर नाराजगी जाहिर की। कंपनी के अफसरों से कहा कि वे यह काम तेजी से करें।
पर्यटन विभाग सिंहस्थ के लिए फिलहाल तीन काम कर रहा है। इसमें अवंतिका और विक्रमादित्य हैरिटेज होटल का विस्तार और शिप्रा होटल का रिनोवेशन हो रहा है। संभागायुक्त ने तीनों कामों की गति बढ़ाने का कहा है।
सीसी रोड की फिनिशिंग सही नहीं, 5 लाख की पैनल्टी
उज्जैन। सिंहस्थ के काम महीन स्तर पर देखे जा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में पीडब्ल्यूडी की सड़क की फिनिशिंग ठीक नहीं होने पर ठेकेदार पर 5 लाख रुपए की पैनल्टी लगाई गई।
दरअसल, संभागायुक्त आशीषसिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सिंहस्थ कामों का मुआयना करने निकले थे। वे बड़ा पुल से रणजीत हनुमान मंदिर होते हुए मोजमखेड़ी तक बन रही सड़क देखने गए थे। थर्ड पार्टी ऑडिट में रोड की कोर कटिंग में स्ट्रेंथ तो ठीक मिली लेकिन फिनिशिंग सही नहीं थी। ऐसे में सड़क बना रही कंपनी बोहरे कंस्ट्रक्शन पर 5 लाख रुपए की पैनल्टी लगाने के निर्देश दिए गए।
कमिश्नर ने अफसरों से कहा कि इंजीनियर काम के दौरान साइट पर जरूर रहें, ताकि क्वालिटी और प्रगति पर निगाह रखी जा सके।
शंकराचार्य चौराहा को जोडऩे वाले अंडरपास का काम देखा।
नदी तट एवं मेला क्षेत्र को जोडऩे वाले यह मार्ग सिंहस्थ में सबसे व्यस्त रहता है। अंडरपास बनने से लोगों को आने-जाने में सहूलियत होगी।









