आस्था पर भारी ठंड, वीकेंड पर श्रद्धालुओं की संख्या में कमी

पिछले नौ दिनों में 22 लाख ने किए दर्शन, अफरातफरी में छूटे जूते-चप्पल

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नए साल पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंची श्रद्धालुओं की भीड़ अब कम हो गई है। साल का पहला वीकेंड कड़कड़ाती सर्दी के बीच सिकुड़ गया। महाकाल मंदिर में शनिवार को इतने दर्शनार्थी भी नहीं पहुंचे जितने आम वीकेंड पर होते हैं। कड़कड़ाती ठंड और कोहरे के बीच आए नववर्ष के पहले वीकेंड पर दर्शनार्थी घरों से कम ही निकले। दूसरे शहरों से नाममात्र के दर्शनार्थी श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। सुबह से सिर्फ दैनिक दर्शनार्थियों की संख्या ज्यादा थी। सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि दर्शनार्थियों की संख्या में शनिवार को एकाएक कमी आई है। हालांकि,दर्शन व्यवस्था ५ जनवरी तक पूर्व निर्धारित ही रहेगी।
गफलत में छूटे जूते-चप्पल, अब कर्मचारियों की पौ बारह
न्यू ईयर की कड़ी दर्शन व्यवस्था में हजारों दर्शनार्थियों को उनके जूते-चप्पल नहीं मिल पाए। दर्शन व्यवस्था के चक्रव्यूह में घिरा बाहरी दर्शनार्थी जब दर्शन के बाद बाहर निकला तो यह समझ ही पाया कि उसने जूते-चप्पल कहां उतारे थे। कुछ दर्शनार्थियों ने मंदिर परिसर व महालोक लोक में भी जगह-जगह जूते-चप्पल उतार दिए थे लेकिन उन्हें वापस लेने वहां तक नहीं पहुंच सके। ऐसे में जूता स्टैंड्र्स पर जूता-चप्पल के ढेर लग गए हैं।
ऐसे में जूता स्टैंड से जुड़े कर्मचारियों की पौ बारह हो गई। कई जूते-चप्पल जो महंगे थे वे अच्छे भाव बिक गए, बचे हुए पुराने जूते-चप्पल भंगार भाव में बेच दिए। फटे-पुराने और इकलौते जूते-चप्पल कचरे के रूप में नगर निगम के कचरा वाहन में चले गए। सहायक प्रशासक जूनवाल ने बताया लावारिस जूते-चप्पल स्टैंड पर बोरों में भरकर रखवा दिए थे ताकि दर्शनार्थी उन्हें वापस ले सकें। कोई लेने नहीं आया तो फिर कचरा वाहन में फिंकवा दिए गए।
9 दिनों में थमा भीड़ का दबाव
मंदिर में भीड़ का दबाव ९ दिन मेें थम गया है। २५ दिसंबर को क्रिसमस से मंदिर में भीड़ बढऩा शुरू हुई थी। 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक ९ दिनों में मंदिर में करीब २२ लाख ६ हजार ३६१ लोगों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए।
25 दिसंबर – 2, 57, 902
26 दिसंबर – 1, 98, 052
27 दिसंबर – 1,96, 322
28 दिसंबर – 1,95, 688
29 दिसंबर – 1, 75, 473
30 दिसंबर – 1, 66, 303
31 दिसंबर – 1, 53, 742
01 जनवरी – 6,12, 879
02 जनवरी – 2, 50, 000









