MP में छह महीने पुरानी सड़क बही, पुल डूबा
सीधी में ₹104 करोड़ की सड़क का बड़ा हिस्सा बारिश में बहा, वाराणसी के 84 घाट जलमग्न; उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से गंगोत्री हाईवे बंद

मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं, सड़कें और पुल जलमग्न हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण आवाजाही बाधित हुई है।
मध्यप्रदेश के सीधी में करीब छह महीने पहले बनी ₹104 करोड़ की सड़क का बड़ा हिस्सा बारिश के पानी में बह गया। वहीं सतना में तेज बहाव वाले नाले में बाइक सवार तीन लोगों के बहने की घटना सामने आई, जिनमें दो को बचा लिया गया है और एक की तलाश जारी है।
सीधी में ₹104 करोड़ की सड़क का हिस्सा बहा
सीधी जिले में भारी बारिश के बीच करीब छह महीने पहले तैयार की गई सड़क का बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बारिश के कारण क्षेत्र में आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
नरसिंहपुर में पुल पानी में डूबा
नरसिंहपुर में लगातार बारिश के चलते रेतघाट पुल नदी के बढ़े जलस्तर में पूरी तरह डूब गया। पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
सतना में नाले में बहे तीन लोग, एक की तलाश
सतना में बाइक पर सवार तीन लोग तेज बहाव वाले नाले में बह गए। रेस्क्यू टीम ने दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि तीसरे व्यक्ति की तलाश जारी है। तेज बारिश के कारण क्षेत्र में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
पन्ना में उफनती नदी में बहा डंपर
पन्ना जिले में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। तेज बहाव के बीच एक डंपर नदी में बह गया। घटना के बाद राहत और बचाव के प्रयास किए गए। जिले के कई इलाकों में जलभराव और बढ़ते जलस्तर से लोगों की परेशानी बढ़ी है।
UP के 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात
उत्तरप्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने स्थिति गंभीर कर दी है। प्रदेश के 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बताए जा रहे हैं। कई गांवों की फसलें पानी में डूब गई हैं और कुछ गांव मुख्य इलाकों से कटकर टापू जैसे बन गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए नाव और मोटर बोट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा
प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके चलते घाटों और रिवर फ्रंट के कई हिस्सों में पानी पहुंच गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है।
वाराणसी के सभी 84 घाट जलमग्न
वाराणसी में बाढ़ का असर घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। शहर के सभी 84 घाट पानी में डूब चुके हैं। अस्सी घाट समेत कई स्थानों पर सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। दशाश्वमेध घाट की प्रसिद्ध गंगा आरती भी घाट के बजाय ऊपरी हिस्से में कराई जा रही है।
वरुणा नदी का पानी रिहाइशी इलाकों तक पहुंचा
वाराणसी में गंगा के साथ वरुणा नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले रिहाइशी क्षेत्रों में भी पानी पहुंच गया है। कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए है।
कानपुर में घरों में घुसा पानी
कानपुर में गंगा और पांडू नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से निचले इलाकों में परेशानी बढ़ गई है। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की जरूरत पड़ रही है। कुछ इलाकों में घरों के अंदर कई फीट तक पानी भरने की स्थिति सामने आई है।
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड, गंगोत्री हाईवे बंद
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड के कारण गंगोत्री हाईवे पर मलबा आ गया। इसके चलते हाईवे पर यातायात बाधित हो गया है। मार्ग को खोलने के लिए संबंधित विभाग की टीम काम कर रही है।
जोशियाड़ा में घरों में घुसा बारिश का पानी
उत्तरकाशी के जोशियाड़ा क्षेत्र में भी लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई घरों में बारिश का पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
उत्तराखंड में 80 सड़कें बंद
लगातार बारिश और भूस्खलन का असर प्रदेश के सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा है। उत्तराखंड में करीब 80 सड़कें बंद बताई जा रही हैं। इनमें नैनीताल की 15, जबकि चमोली और पिथौरागढ़ की 13-13 सड़कें शामिल हैं। कई मार्गों पर मलबा और पत्थर आने से यातायात प्रभावित हुआ है।









