चायना डोर से पतंग उड़ाई तो पकड़े जाएंगे, दूरबीन से निगरानी और दुकानों में सर्चिंग

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। चायना डोर से हो रहे हादसों को देखते हुए इससे पतंग उड़ाने वाले पतंगबाजों पर चिमनगंज मंडी पुलिस ने दूरबीन से नजर रखना शुरू कर दी है। इससे पहले भी पुलिस ने अनाज मंडी से तीन युवकों को पकडक़र उनसे 23 गट्टे जब्त कर चुकी है। दरअसल, थाना चिमनगंज मंडी क्षेत्र में प्रतिबंधित चायना डोर के उपयोग और इससे होने वाले जानलेवा हादसों पर रोक लगाने के लिए बुधवार से जांच अभियान में दूरबीन का सहारा लिया गया।

टीआई गजेंद्र पचौरिया ने बताया कि इस दौरान पुलिस टीम छतों पर पहुंची और दूरबीन की मदद से पतंग उड़ाने वालों पर नजर रखी। इसके अलावा इससे होने वाले गंभीर दुष्परिणाम बताते हुए लोगों को जागरूक भी किया गया। टीआई ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रतिबंधित चायना डोर के निर्माण, विक्रय एवं उपयोग में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी इस मौत का डोर का उपयोग नहीं करने की अपील की।
महाकाल पुलिस दुकानों में पहुंची
इधर, चायना डोर को लेकर महाकाल पुलिस भी समय-समय पर सर्चिंग अभियान चला रही है। पिछले दिनों पुलिस ने तोपखाना क्षेत्र में पतंग दुकानों और घरों की छतों पर पहुंचकर सर्चिंग की थी लेकिन चायना डोर नहीं मिली थी। बुधवार रात को फिर पुलिस ने कोतवाली सीएसपी राहुल देशमुख के नेतृत्व में तोपखाना की दुकानों में सर्चिंग की और दुकानदारों को हिदायत दी कि यदि चायना डोर बेची तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले अनाज मंडी से पकड़े थे तीन युवक
20 दिसंबर को चिमनगंज मंडी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चोरी-छुपे मौत की डोर को बेच रहे हर्ष पिता सरदार सिंह चौहान (19) निवासी ग्राम चंदूखेड़ी, श्रवण पिता रामेश्वर आंजना (19) निवासी ग्राम असलाना, दोनों थाना चिंतामण और अमरीश पिता राकेश सिसोदिया (19) निवासी जान शाहपुरा, केडी गेट थाना जीवाजीगंज को पकड़ा था। तलाशी में इनके पास से 23 गट्टे जब्त किए थे।
नीलगंगा पुलिस भी कर चुकी कार्रवाई
नीलगंगा पुलिस ने भी 14 दिसंबर को दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए नाबालिग सहित पांच युवकों को प्रतिबंधित चायना डोर बेचते पकड़ा था। इनके पास से 47 गट्टे जब्त किए गए थे। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 युवकों को जेल भेज दिया था और नाबालिग को बाल संप्रेक्षणगृह भेज दिया था।









