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ईरान का कुवैत में अमेरिकी बेस पर हमला, जहाज पर भी अटैक

ट्रम्प बोले- ईरान के पास समझौते का आखिरी मौका

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तेहरान। अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। द यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की आईआरजीसी ने मंगलवार सुबह कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर कम से कम तीन ड्रोन से हमला किया। फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

उधर, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया। एजेंसी ने जांच शुरू कर दी है और जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके पास समझौते का आखिरी मौका है। उन्होंने दोहराया कि बातचीत नाकाम रही तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। अमेरिका-ईरान वार्ता की अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित बातचीत को लेकर अभी तक तारीख और स्थान तय नहीं हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान और कतर संभावित मेजबान देशों के तौर पर चर्चा में हैं और दोनों देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं।

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खामेनेई ने पजशकियान से कहा, सेना के हिसाब से चलेगी सरकार
ईरान में सत्ता के अंदर खींचतान बढऩे की खबर है। इजराइली चैनल-14 की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से साफ कह दिया है कि सरकार अब सेना के हिसाब से चलेगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका से बातचीत और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर अब रिवोल्यूशनरी गार्ड की राय को प्राथमिकता दी जाएगी। सेना के वरिष्ठ कमांडर अहमद वाहिदी को इन मामलों में अंतिम फैसला लेने का अधिकार दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पजशकियान पहले भी कई बार इस्तीफा देने की पेशकश कर चुके हैं। उनका कहना था कि उनकी सरकार को विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े फैसलों से अलग रखा जा रहा है।

ट्रंप ने ईरान वार्ता के मध्यस्थ देशों में पाक का नाम नहीं लिया

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राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ जारी बातचीत को लेकर कहा कि यह वार्ता ईरान के अनुरोध पर हो रही है और इसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर का समर्थन है। गौर करने वाली बात यह है कि ट्रंप ने अपने बयान में पाकिस्तान का कोई जिक्र नहीं किया, जबकि हाल के दिनों में कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान को भी ईरान-अमेरिका के बीच संभावित मध्यस्थ बताया जा रहा था।

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