कंठाल चौराहा – छत्रीचौक चौड़ीकरण : शाही मस्जिद वक्फ पंचायत ने नगर निगम नोटिस को बताया अवैध

सड़क के मध्य से समान अधिग्रहण की मांग रखी, मस्जिद को बताया मुगलकालीन
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कंठाल चौराहा-छत्रीचौक मार्ग चौड़ीकरण काम में शाही मस्जिद को मिले नोटिस का जवाब शाही मस्जिद वक्फ पंचायत ने नगरनिगम को देने से पहले सार्वजनिक किया है। शाही मस्जिद वक्फ पंचायत मोचीयान ने भवन अधिकारी के 14 अगस्त को जारी सूचना पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई है। पंचायत ने नगर निगम नोटिस को अपूर्ण, अस्पष्ट और अवैधानिक करार दिया है। कमेटी ने अपना जवाब नगरनिगम में पेश कर दिया है। शुक्रवार को इस पर चर्चा होगी। शहर काजी भी इस मौके पर उपस्थित रहेंगे।
मस्जिद पंचायत के प्रबंधक मोहम्मद मोहसिन और अरशद हुसैन ने निगम में पेश जवाब में कहा है कि सड़क के मध्य भाग से दोनों ओर समान रूप से भूमि लेने का कोई उल्लेख नोटिस में नहीं है।
शहर के अन्य हिस्सों में सड़क के बीच से समान रूप से अधिग्रहण किया गया है, लेकिन इस मामले में यह तथ्य छिपाया गया है। सूचना पत्र में यह स्पष्ट नहीं है कि वर्तमान सड़क की चौड़ाई कितनी है और कितनी भूमि ली जाएगी। इसके साथ ही निगम ने कोई मानचित्र भी संलग्न नहीं किया है।
आपत्ति पत्र में ऐतिहासिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया है कि शाही मस्जिद मुगलकालीन है। 17 मार्च 1925 को सिंधिया राजघराने के चेयरमैन टाउन इम्प्रूववमेंट ट्रस्ट ग्वालियर गवर्नमेंट लश्कर ने शहर काजी को भेजे पत्र में मस्जिद की कुछ भूमि अधिग्रहित कर शेष मस्जिद यथावत रखी थी।
13 सितंबर 1985 के मध्य प्रदेश शासन के राजपत्र में भी मस्जिद और उसकी पैमाइश का स्पष्ट उल्लेख है। पंचायत का कहना है कि 1975 में भी आवागमन सुगम बनाने के लिए मस्जिद ने स्वेच्छा से भूमि दी थी, जबकि सामने वाले मकान से कोई अधिग्रहण नहीं हुआ था।
कार्रवाई को बताया द्वेषपूर्ण
मस्जिद समिति का तर्क है कि वर्तमान में सड़क 40 फीट चौड़ी है। आवागमन कहीं भी बाधित नहीं होता है। समिति ने आरोप लगाया है कि धार्मिक स्थल को हटाने के मकसद से की जा रही यह कार्रवाई द्वेषपूर्ण है। पंचायत ने नगर निगम से मांग की है कि जब तक सड़क का मध्य भाग स्पष्ट कर दोनों ओर से समान भूमि लेने का निर्णय नहीं हो जाता, तब तक मस्जिद के किसी भी भाग को तोड़ा नहीं जाए। उन्होंने निगम से जारी सूचना पत्र को निरस्त करने की अपील की है।
अपने जवाब के साथ पंचायत ने ग्वालियर सरकार के पत्र, राजपत्र की प्रति, चालान, तहसीलदार के नोटिस और 1975 एवं 1979 के मानचित्र सहित सभी अहम दस्तावेज संलग्न किए हैं। रिजवान हुसैन ने बताया कि शुक्रवार को बिल्डिंग अधिकारी के सामने पक्ष रखा जाएगा। इस दौरान शहर काजी खलीर्कुरहमान भी उपस्थित रहेंगे।









