KEM कॉलेज ने सेजल पवार को किया निष्कासित

बई के प्रतिष्ठित केईएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ने एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें 15 दिनों की अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया है। इस अवधि के दौरान सेजल को कॉलेज परिसर, अस्पताल कैंपस और हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। साथ ही कॉलेज प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के लिए पांच सदस्यों की एक विशेष समिति का गठन किया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

यह कार्रवाई उस विवाद के बाद की गई है, जिसमें सेजल पवार एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान की गई अपनी टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं के केंद्र में आ गई थीं। कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और कॉलेज प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
शुरुआती जांच में वीडियो में दिख रही महिला की पहचान हुई
इंडिया टुडे से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, केईएम मेडिकल कॉलेज की प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली महिला सेजल पवार ही हैं। जांच में यह भी पाया गया कि वीडियो में उनके द्वारा कही गई बातें पहली नजर में अनुचित और अस्वीकार्य प्रतीत होती हैं।
इसी आधार पर संस्थान ने तत्काल प्रभाव से उन्हें 15 दिनों की छुट्टी पर भेजने का फैसला लिया। इस दौरान वह कॉलेज की किसी भी शैक्षणिक, प्रशिक्षण या अन्य गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। साथ ही उन्हें हॉस्टल और मेडिकल कॉलेज परिसर से भी दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
माता-पिता को भी कॉलेज बुलाया गया
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केईएम अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सेजल पवार ने एक लिखित माफीनामा भी सौंपा है। इसमें उन्होंने स्वीकार किया कि उनके कुछ बयान अनुचित थे और उनसे लोगों की भावनाएं आहत हो सकती थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने 13 जून को सेजल के माता-पिता को भी संस्थान में बुलाया। अधिकारियों ने उनकी मौजूदगी में छात्रा को समझाइश दी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने की सलाह दी।
क्या है पूरा विवाद?
पूरा मामला स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक लाइव कॉमेडी शो से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान प्रणीत मोरे ने सेजल पवार से पूछा था कि क्या डॉक्टर हमेशा गंभीर रहते हैं या फिर वे भी मजाक-मस्ती करते हैं।
इस सवाल के जवाब में सेजल पवार ने मेडिकल शिक्षा के दौरान उपयोग किए जाने वाले पुरुष शवों (कैडेवर) के निजी अंगों को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि वह और उनके कुछ साथी शवों के प्राइवेट पार्ट्स के आकार को लेकर आपस में चर्चा करते हैं। उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद लोगों ने इसे मृतकों की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कड़ी आलोचना की।
FIR भी दर्ज की गई
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने 11 जून को स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे, सेजल पवार और दर्शकों में मौजूद एक अन्य व्यक्ति हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
पुलिस के अनुसार, प्रणीत मोरे पर आपत्तिजनक कंटेंट को मंच और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है, जबकि सेजल पवार और हिमांशु जांगड़ा पर अनुचित और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का मामला दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मांगी माफी
विवाद गहराने और आलोचनाएं बढ़ने के बाद सेजल पवार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बातों को इस तरह लिया जाएगा।
सेजल ने वीडियो में कहा कि वह शो के दौरान कही गई बातों को सही ठहराने की कोशिश नहीं कर रही हैं। उन्होंने माना कि उनकी टिप्पणी गलत थी और उन्हें इसका पछतावा है। उन्होंने लोगों से माफी मांगते हुए कहा कि भविष्य में वह अपने शब्दों और व्यवहार को लेकर अधिक सावधानी बरतेंगी।
सात दिन में आएगी जांच समिति की रिपोर्ट
फिलहाल केईएम मेडिकल कॉलेज द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच समिति पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। समिति वायरल वीडियो, छात्रा के बयान, कॉलेज के नियमों और पेशेवर नैतिकता से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी। रिपोर्ट आने के बाद कॉलेज प्रशासन आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकता है।
मामले ने मेडिकल शिक्षा में पेशेवर आचरण, मृत देहों के प्रति सम्मान और सार्वजनिक मंचों पर छात्रों की जिम्मेदारी को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।









