कौशांबी में एलपीजी टैंकर हादसा, गैस लीक और आग से 5 की मौत

उत्तर प्रदेश के कौशांबी से एक दिल दहला देने वाले हादसे का लाइव वीडियो सामने आया है, जहां कोखराज थाना क्षेत्र के सिरोही टोल प्लाजा पर एक एलपीजी गैस टैंकर अनियंत्रित होकर टोल बैरियर की दीवार से टकरा गया। यह भीषण हादसा 26 जून को सुबह करीब 6 बजकर 38 मिनट पर हुआ था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टैंकर तुरंत फट गया और गैस का भारी रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते चंद सेकंड के भीतर 30 से 40 फीट के दायरे में गैस का एक सफेद गुबार फैल गया।

टोल प्लाजा परिसर में ही एक जेनरेटर चालू हालत में चल रहा था। लीक हुई एलपीजी गैस जैसे ही उस चालू जेनरेटर के साइलेंसर के पास पहुंची, तो उसकी चिंगारी से एक बहुत ही भयानक और तेज धमाका हुआ। इस धमाके के साथ ही चारों तरफ आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आग इतनी विकराल थी कि उसकी लपटें 25 से 30 फीट ऊपर तक जा रही थीं। इस दर्दनाक हादसे में टैंकर के ड्राइवर समेत अब तक कुल 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि गंभीर रूप से झुलसे एक अन्य व्यक्ति का इलाज प्रयागराज के अस्पताल में चल रहा है। इस पूरी घटना का रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज गुरुवार रात 10 बजे सामने आया है।
गैस लीकेज के तीन मिनट बाद जेनरेटर की चिंगारी से भड़की भयानक आग
हादसे के वक्त लगी भीषण आग के कारण टोल प्लाजा पर लगे सारे सीसीटीवी कैमरे और कंप्यूटर सिस्टम पूरी तरह जलकर बर्बाद हो गए थे। बाद में तकनीकी एक्सपर्ट्स की टीम ने अथक प्रयास करके मुख्य सर्वर से इस हादसे की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रिकवर किया है। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि दो एलपीजी टैंकर एक साथ दो अलग-अलग लेन पर आ रहे थे। तभी अचानक लेन नंबर-1 पर चल रहा एलपीजी टैंकर अनियंत्रित होकर सीधे टोल बैरियर की पक्की दीवार से जा टकराया।
टोल की दीवार से टकराते ही टैंकर का पिछला हिस्सा फट गया और एक तेज डरावनी आवाज के साथ गैस का लीकेज शुरू हो गया। कुछ ही मिनटों में सफेद धुएं जैसी अत्यधिक ज्वलनशील गैस पूरे टोल प्लाजा परिसर में फैल गई। गैस रिसाव के दौरान ही दो गाड़ियां दूसरी लेन से तेजी से रफ्तार बढ़ाकर वहां से अपनी जान बचाकर निकल गईं, जबकि बाकी गाड़ियों ने खतरे की भांपते हुए खुद को टोल प्लाजा से करीब 100 मीटर पहले ही रोक लिया।
इसी बीच दूसरी लेन वाला टैंकर टोल गेट को पार कर सुरक्षित आगे निकल गया। गैस रिसाव शुरू होने के ठीक 3 मिनट 31 सेकेंड बाद अचानक फैली हुई गैस टोल प्लाजा की मुख्य बिल्डिंग में चल रहे जेनरेटर के संपर्क में आ गई। जेनरेटर के साइलेंसर से निकली छोटी सी चिंगारी ने पूरी गैस को अपनी चपेट में ले लिया और एक बड़ा ब्लास्ट हो गया। गैस लीक होते देख टोल कर्मी भी अपनी केबिन और टोल प्लाजा छोड़कर भागते नजर आए। कुछ ही पलों में इस आग ने पूरे टोल प्लाजा को घेर लिया और पूरा प्लाजा जलकर पूरी तरह खाक हो गया। यार्ड में खड़ी 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें भी इस भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गईं।
टैंकर के अंदर ही जिंदा जला ड्राइवर, जांच के दौरान केबिन में मिलीं सिर्फ हड्डियां
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टैंकर के ड्राइवर को केबिन से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और करीब 30 मिनट की भारी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। जब फायर ब्रिगेड की टीम ने पूरी तरह जल चुके टैंकर की केबिन की जांच की, तो उसके अंदर चालक धर्मेंद्र दुबे (उम्र 40 वर्ष) की सिर्फ हड्डियां बची हुई मिलीं। यह टैंकर कानपुर से रसोई गैस लेकर प्रतापगढ़ की ओर जा रहा था।
इस हादसे में केवल ड्राइवर ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों ने भी अपनी जान गंवाई है। दुर्घटना के दिन ही ड्यूटी पर तैनात टोल कर्मचारी आलोक सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, गंभीर रूप से झुलसे हंडिया निवासी टोल कर्मी अनिल कुमार ने 1 जुलाई को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद 2 जुलाई को अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे दो अन्य घायलों की भी मौत हो गई, जिनकी पहचान रायबरेली के राजापुर निवासी हीरामणि सिंह (उम्र 29 वर्ष) और मध्य प्रदेश के सीधी जिले के कठैली गांव निवासी कृष्णपाल मौर्य (उम्र 23 वर्ष) के रूप में हुई है।
टॉयलेट में बैठे सुपरवाइजर भी बुरी तरह झुलसे, सड़क पर जान बचाकर भागते दिखे
टोल प्लाजा पर तैनात एक अन्य कर्मचारी संजय निर्मल ने इस भयानक आंखों देखे मंजर के बारे में बताते हुए कहा कि हादसे से करीब 10 मिनट पहले इलाके में हल्की-फुल्की बारिश हुई थी, जिससे मौसम में थोड़ी नमी थी। तभी पता नहीं अचानक क्या हुआ कि तेज रफ्तार एलपीजी गाड़ी एकदम धड़ाम से टोल की दीवार से जा भिड़ी और गिर गई।
टैंकर से गैस लीक होने के बाद जो आग भड़की, वह इतनी तेजी से फैली कि उसने टोल प्लाजा से बिल्कुल सटे हुए यार्ड और वहां बने टॉयलेट ब्लॉक को भी अपनी चपेट में ले लिया। उस वक्त टॉयलेट के अंदर बैठे टोल सुपरवाइजर आलोक पांडे आग की लपटों के बीच घिर गए और बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद सोशल मीडिया पर एक और वीडियो भी सामने आया था, जिसमें सुपरवाइजर आलोक पांडे खुद को आग से बचाने के लिए झुलसी हुई हालत में ही सड़क पर बदहवास होकर भागते हुए नजर आ रहे थे। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है।








