कार्तिक मेले की झूले की जमीन का एमआईसी का प्रस्ताव खारिज

महापौर-राजस्व समिति प्रभारी को अपनों ने ही घेरा
निगम सम्मेलन : दो प्रस्ताव संशोधन के साथ और बाकी बचे सदन से एकमत से पास
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मंगलवार को हुए नगरनिगम के स्थगित सम्मेलन में दो प्रस्ताव को छोड़ बचे सारे एकमत से पारित हो गए। एमआईसी का कार्तिक मेले की झूले की जमीन का आवंटन एक शख्स या संस्था से कराने के प्रस्ताव को भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने सिरे से खारिज कर दिया। जैविक वेस्ट से बनने वाले सीबीजी प्लांट का प्रस्ताव संशोधन और झूले की जमीन आवंटन का प्रस्ताव संशोधन के साथ पारित हो गया। अब कार्तिक मेले के 19 बड़े झूलों को जमीन टेंडर के जरिये दी जाएगी। पिछले साल भी इसी तरह जमीन आवंटित की गई थी। तब 39.40 लाख रुपए की आय हुई थी। एक संस्था को आवंटन देने से 1.33 करोड़ रुपए की आय की उम्मीद थी।
दरअसल, निगम में चर्चा के 27 प्रस्ताव रखे गए थे और इनमें सबसे महत्वपूर्ण 4, 5 और 27 के थे। 4 नंबर प्रस्ताव कार्तिक मेले के 19 बड़े झूलों की जमीन का आवंटन एक संस्था/शख्स को देने का एमआईसी का ठहराव था। सबसे ज्यादा बवाल इसी पर हुआ। राजस्व समिति प्रभारी रजत मेहता के प्रस्ताव से खजाने में 1.33 करोड़ रुपए आने थे,परचर्चा हुई तो जमकर हंगामा हुआ। एमआईसी के सदस्य एक तरफ और कांग्रेस-भाजपा के पार्षद दूसरी तरफ एक साथ दिखाई दिए।
तिवारी ने निकाला बीच का रास्ता
बहस जब बहुत बढऩे लगी तो पार्षद शिवेंद्र तिवारी को उठना पड़ा। उन्होंने कार्तिक मेले के आयोजन को देखते हुए सार्थक रास्ता निकालने का सुझाव दिया। इस पर सभापति कलावती यादव ने दोनों पक्षों के प्रमुख पार्षदों को नीतिगत निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया। इस तरह अपने ही पार्षदों से घिरे महापौर को संकट से तिवारी निकालने में कामयाब रहे। निगम सभापति द्वारा अधिकृत टीम ने आखिर में पुरानी व्यवस्था ही बरकरार रखना तय किया।
झूलों का टिकट बढ़ेगा, मनमानी होगी
इन सदस्यों का कहना था कि एक शख्स या संस्था को 19 झूलों के लिए जगह आवंटित करने से मनमानी होगी। संस्था अधिक कीमत पर जमीन का आवंटन करेगी। ज्यादा कीमत पर जमीन लेने के कारण झूला संचालक टिकट की कीमत बढ़ा देंगे। आम आदमी की जेब इससे हल्की होगी।
अधिक शुल्क पर जमीन लेने के लिए बाहरी संचालक आएंगे और स्थानीय झूला संचालकों का रोजगार मारा जाएगा।
निगम के दो मकसद: पार्षदों ने कहा कि निगम के दो मकसद है, पहला स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, दूसरा आम आदमी को वाजिब कीमत पर टिकट मिले। एमआईसी के प्रस्ताव से दोनों ही मकसद को आघात लगेगा। ऐसे में यह प्रस्ताव निरस्त किया जाना चाहिए। इस प्रस्ताव को नीतिगत रूप से भी गलत बताया गया। महापौर के साथ राजस्व समिति प्रभारी रजत मेहता, जलकार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा और अन्य सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में दलील रखने की कोशिश की।
यह तय हुआ
19 बड़े झूलों की जमीन का आवंटन पिछले साल की ही तरह इस साल भी टेंडर पद्धति से होगा। चूंकि 24 नवंबर से कार्तिक मेला शुरू होना है, ऐसे में शॉर्ट टाइम के टेंडर जारी किए जाएंगे।
सीबीजी प्लांट के प्रस्ताव संशोधन के साथ पास
शहर के जैविक वेस्ट से कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट लगाने के प्रस्ताव नंबर 5 और 27 को भी संशोधन के साथ पास कर दिया गया। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत पीपीपी मोड पर यह प्लांट लगाए जाएंगे। घटिया तहसील के डाबरी में गुजरात की कंपनी प्लांट लगाएगी। कंपनी को 1.52 लाख रुपए सालाना शुल्क पर लीज पर जमीन आवंटित की गई है। कंपनी हर साल नगरनिगम को ४.११ करोड़ रुपए चुकाएगी।
इन प्रस्तावों पर भी चर्चा
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाने की स्वीकृति।
रोड चौड़ीकरण में बाधा बन रहे सुलभ शौचालय एवं यूरिनल हटाने के सारे प्रस्ताव पास।
……….और अंत मेंं
पूर्व मंत्री पारस जैन और पूर्व मुख्यमंत्री की मां को दी श्रद्धांजलि: अंत में पूर्व मंत्री पारस जैन और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की मां काशीबाई को श्रद्धांजलि देकर सदन की कार्यवाही समाप्त घोषित कर दी गई।
किसने क्या कहा
कार्तिक मेले में झूलों की जमीन आवंटन की व्यवस्था एक ही संस्था को सौंपने का प्रस्ताव नीतिगत रूप से गलत था। चूंकि निगम लोकल व्यापारियों को प्रोत्साहन और आमआदमी की जेब को राहत देना चाहता है, इसलिए एमआईसी के प्रस्ताव को पूरी तरह निरस्त कर पिछले साल सी ही व्यवस्था रखना तय किया गया है।
-रवि राय, नेता प्रतिपक्ष
अगर प्रस्ताव पारित होता तो निगम की आय काफी बढ़ जाती। एक ही संस्था को टेंडर देने से निगम के खजाने में १.३३ करोड़ रुपए आते। पिछले साल ओपन ऑनलाइन टेंडर से करीब ३९.४० लाख रुपए आए थे। खैर सदन का फैसला स्वीकार है।
-रजत मेहता, प्रभारी, राजस्व समिति
सदन ने एक प्रस्ताव को छोड़ सारे प्रस्ताव सर्वानुमति से पारित कर दिए हैं। सदन में पूर्व मंत्री पारस जैन और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की मां काशीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।
-कलावती यादव, निगम सभापति









