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मिशन मेडिसिटी… हॉस्टल और कॉलेज के बाद हॉस्पिटल के काम ने भी पकड़ी रफ्तार

सिंहस्थ 2028 से पहले प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य

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उज्जैन। ५९२.३० करोड़ रुपए से बनने वाली देश की दूसरी और मप्र की पहली मेडिसिटी का काम इन दिनों तेज गति से चल रहा है। सिंहस्थ २०२८ से पहले प्रोजेक्ट को पूरा करने के लक्ष्य के चलते हॉस्टल और मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग के साथ अब हॉस्पिटल का काम भी तेजी से किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले सख्याराजे परिसर में हॉस्टल बिल्डिंग के लिए काम शुरू किया गया था। करीब एक माह बाद पुराने सिविल अस्पताल को डिस्मेंटल कर वहां मेडिकल कॉलेज के लिए काम शुरू किया था

इसके अलावा पुराने सिविल हॉस्पिटल परिसर के मुख्य द्वार के सामने ब्लड बैंक, टीबी यूनिट आदि को भी जमींदोज कर वहां भी खुदाई कर फाउंडेशन वर्क किया जा रहा है। दरअसल, पिछले साल 21 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहर को 592.33 करोड़ रुपए की मेडिसिटी एवं शासकीय मेडिकल कॉलेज की सौगात देते हुए इसका भूमिपूजन किया था। इस योजना के तहत नए अस्पताल, कॉलेज और हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है।

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योजना के अनुसार इसे १४.९७ एकड़ में बनाया जाएगा। शहर में बनने वाली यह मेडिसिटी 550 बेड की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक अस्पताल होगा। जहां १५० मेडिकल स्टूडेंट्स को चिकित्सा शिक्षा देने के साथ ही 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही जनरल और सुपर स्पेशलिटी ओपीडी भी होंगे। मेडिसिटी में सुपर स्पेशलिटी और मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर, फॉर्मेसी, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान केंद्र, वेलनेस केंद्र, आयुष अस्पताल, पैरामेडिकल कॉलेज, एकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं, ईको-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने वाली सुविधाएं भी होंगी।

हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार
यह मेडिसिटी शहर और आसपास के इलाकों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगी। इससे हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। यह परियोजना राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक मील का पत्थर
साबित होगी।

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वर्तमान स्थिति पर एक नजर

1.हॉस्टल बिल्डिंग :- पुराने जिला अस्पताल के सामने सबसे पहले इसी का काम शुरू हुआ था। फाउंडेशन वर्क होने के बाद अब पिलर खड़े करने का काम चल रहा है।

2. मेडिकल कॉलेज :- सिविल हॉस्पिटल के पुराने भवन की जगह मेडिकल कॉलेज का निर्माण होगा। वर्तमान में इसका फाउंडेशन वर्क का काम किया जा रहा है।

3. हॉस्पिटल :- पुराने जिला अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने ५५० बिस्तरीय अस्पताल बनेगा। अभी साइड क्लीयर कर फाउंडेशन वर्क के लिए खुदाई की गई है।

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