नगर निगम के फूड कोर्ट का काम फिर रुका

भुगतान अटकना और कमजोर मॉनिटरिंग बना वजह, 2024 में हुई थी शुरुआत

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। देवास रोड पर तरणताल के समीप बनाए जा रहे नगर निगम के फूड कोर्ट का काम एक बार फिर रुक गया है। दो साल की अवधि में ऐसा तीसरी बार हुआ है जब निर्माण काम बंद हुआ है। शहर को आधुनिक, सुव्यवस्थित और स्वच्छ फूड हब उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से वर्ष 2024 की शुरुआत में पुराने ढांचे को तोडऩे के साथ इस परियोजना की शुरुआत हुई थी लेकिन 2026 में अब इस प्रोजेक्ट का काम फिर रुक गया है।
दरअसल, नगर निगम ने 20 दुकानों वाले फूड कोर्ट के लिए 89 लाख रुपए की योजना वर्ष 2023 में स्वीकृत की थी। अनुबंध शर्तों के अनुसार अगस्त २०२५ तक नया फूड कोर्ट बनकर लोकार्पित हो जाना था लेकिन अब तक 50 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो सका है। वर्तमान में निर्माण स्थल पर केवल पिलर और दुकानों का स्ट्रक्चर खड़ा दिखाई दे रहा है।
निर्माण की कोई गतिविधि नजर नहीं आ रही। आपको बता दें कि निर्माण में पहली बाधा 2024 में आई थी, तब मामला ठेकेदार तय होने पर भी निर्णय लेने में देरी के कारण महीनों फाइलों में उलझा रहा। इसके बाद वर्ष 2025 में दूसरी तिमाही में ठेकेदार के बिलों का भुगतान अटकने और पार्किंग समाधान के चलते निर्माण कार्य बंद रहा। जैसे-तैस एक माह बाद काम शुरू हुआ लेकिन अब पिुर से बंद हो गया है जिससे परियोजना की समयसीमा, लागत पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
यह होना था
योजना के अनुसार यहां व्यवस्थित स्ट्रीट फूड झोन विकसित कर रोजगार के अवसर और शहरवासियों को खानपान की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाना थीं। ऐसे में तरणताल के साथ संयुक्त लोकार्पण की योजना भी अधर में लटक गई है।
वर्ष 2025 में होना था लोकार्पण
महापौर मुकेश टटवाल ने करीब सात माह पहले निरीक्षण में अंतर्राष्ट्रीय स्वीमिंग पूल और फूड कोर्ट का लोकार्पण अगस्त 2025 में करने की घोषणा की थी जो पूरी नहीं हुई। इसका कारण दोनों ही प्रोजेक्ट तय समयसीमा से पीछे खिसक जाना रहे। अब देखने वाली बात यह है कि नगर निगम कब इस अटके प्रोजेक्ट को दोबारा रफ्तार देता है। इसके अलावा जिम्मेदारी तय होती है या नहीं। फिलहाल तो यह परियोजना अधूरे काम की तस्वीर पेश कर रही है।









