पुलिस के सामने नंदनी ने ममता को पहचानने से ही इंकार कर दिया था

सबूत पेश किए तो बेनकाब हो गई, अब है रिमांड पर

मामला… 70 लाख रुपए की धोखाधड़ी का
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कोतवाली में जांच अधिकारी और वहां मौजूद पुलिसकर्मी उस समय भौंचक्के रह गए जब धोखाधड़ी कांड में पुलिस द्वारा हिरासत में ली गई नंदनी ने ममता जैन को पहचानने से ही इनकार कर दिया। पूरे मामले को थाना प्रभारी ने देखा और उसे न्यायालय में पेश किया। उसे एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा गया है। अब पुलिस उससे पूरे मामले में पूछताछ करेगी।
गौरतलब है कि ममता जैन ने अपने साथ हुई 70 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में वीडी मार्केट में रहने वाली तनुजा गोयल, उसके परिवार के अलावा नंदनी जोशी के खिलाफ कोतवाली पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसमें उसने वह पूरा ब्यौरा प्रस्तुत किया था जिसमें उसने नंदनी और तनुजा को प्रॉपर्टी में लाभ दिलाने के लिए रकम दी थी। पुलिस तनुजा के ससुर को पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी थी। उसकी अदालत से जमानत हो गई।
पुलिस ने बुधवार को नंदनी की गिरफ्तारी के लिए योजना बनाई और हिरासत में ले लिया। इसके बाद ममता जैन को कोतवाली बुलाया गया। जांच अधिकारी के सामने नंदनी ने ममता को पहचानने से इंकार कर दिया। यह इस घटना का नाटकीय मोड़ था, लेकिन नंदनी का झूठ उस समय पकड़ा गया जब पुलिस के सामने ममता ने सारे सबूत पेश कर दिए। पुलिस ने भी यह मान लिया कि नंदनी झूठ बोल रही थी। उसे न्यायालय में पेश किया गया। जहां से पुलिस को उसके लिए एक दिन की रिमांड मिली है।
ऋषिकेश में हो सकती है तनुजा
एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही पुलिस के रिकॉर्ड में फरार है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यहां कहीं उसका पता नहीं चल रहा है। वीडी मार्केट उसके मकान पर ताला लगा हुआ है। इस मामले में ममता का कहना है कि जिस समय राशि का लेन-देन हुआ उस समय वह तनुजा के काफी निकट आ गई थी। तनुजा अक्सर ऋषिकेश वाले गुरुजी का जिक्र किया करती थी। हो सकता है कि वह पुलिस से बचने के लिए गुरुजी के आश्रम चली गई हो। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस उस तक पहुंच सकती है।








