महुआ, फल रखकर नीलगायों को ललचाएंगे, कल फिर होगा बोमा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। खेत उजाडऩे वाली नीलगायों से परेशान किसानों को निजात दिलाने के लिए ब्रजराजखेड़ी में बनाए इनक्लोजर तक नीलगायों को लाने के लिए पांच किलोमीटर के दायरे में महुआ, फल और चारा रखा जाएगा। इनके लालच में नीलगाय आएंगी तो उन्हें हांका लगाकर इनक्लोजर तक ले जाया जाएगा। रविवार को एक बार फिर नीलगायों को इनक्लोजर तक लाने की मशक्कत की जाएगी।

उज्जैन में नीलगायों ने आतंक मचा रखा है। नरवर, हरसोदन, बृजराजखेड़ी, पिपल्या राघो, उन्हेल में बड़ी संख्या में इनकी मौजूदगी है। तेज रफ्तार और चालाकी के कारण इनको पकडऩा काफी मुश्किल होता है। वन्य जीव में शामिल होने से इनके शिकार पर भी प्रतिबंध है। खेतों के आसपास रहने वाले इनके झुंड किसानों के लिए मुसीबत बने रहते हैं।
यह फसलें तो चट कर ही जाती हैं, भागदौड़ कर उन्हें तबाह भी कर देती हैं। किसानों को नीलगाय की परेशानी से निजात दिलाने के लिए वन विभाग ने 15 दिन पहले इनक्लोजर में लाकर इनको पकडऩे की तैयारी की थी। बृजराजखेड़ी में इसके लिए इनक्लोजर बनाया गया था।
शुक्रवार को वनकर्मियों और पांच गांव के किसानों ने बाइक पर सवार होकर हांका लगाया और नीलगायों को इनक्लोजर तक लाने की कोशिश की। पांच किलोमीटर दूर से खदेड़ हुए इन्हें बृजराजखेड़ी तक लाने की कोशिश की गई लेकिन चालाक नीलगाय झुंड से इधर-उधर हो गईं। करीब छह घंटे में चार नीलगाय पकड़ी गईं। इन्हें गांधीसागर भेजा जा रहा है।
कल फिर चलाएंगे अभियान
डीएफओ अनुराग तिवारी ने बताया कि नीलगायों को पकडऩे के लिए आज महुआ, फल और घास अलग-अलग जगह रखी जाएगी। पानी के इंतजाम भी किए जाएंगे। नीलगाय को फल और महुआ पसंद है। ऐसे में वह झुंड में रहेंगी। रविवार को एक बार फिर कोशिश की जाएगी। फिर अक्टूबर में हांका लगाया जाएगा।









