1.19 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी चमक नहीं सके ‘ओम’ और ‘त्रिशूल’

हरिफाटक ब्रिज पर लगी लाइट शुभारंभ से पहले ही बदलना पड़ रही

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाकाल नगरी उज्जैन का चार भुजाओं वाला हरिफाटक ओवरब्रिज महाकाल थीम पर रोशनी से जगमग होना था। स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम द्वारा ब्रिज पर ओम और त्रिशूल आकार की लाइट्स लगाई गई थीं, लेकिन कलर का चयन गलत होने से इसका शुभारंभ रोकना पड़ा।
ब्रिज पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत एक करोड़ 19 लाख की लागत से चारों भुजाओं पर ओम और त्रिशूल जैसे शिव प्रतीकों की लाइटें लगाई गई हैं। उद्देश्य यह कि देश भर से महाकाल दर्शन करने आने वाले दर्शनार्थियों को मंदिर जाते समय इन खास लाइटों के माध्यम से महाकाल नगरी आने की फीलिंग मिले।
स्मार्ट सिटी ने ब्रिज की चारों भुजाओं पर 124 लाइटें लगाई हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव के हाथों इनका शुभारंभ तय हुआ था, लेकिन एनवक्त पर इसे रोकना पड़ा। सूत्रों के अनुसार जब इनकी टेस्टिंग की गई तो लाइटों का कलर व्हाइट की जगह वॉर्म वाइट था। इस कारण ये अंधेरे में ज्यादा चमक नहीं रही थीं। नगर निगम प्रशासन ने तय किया कि ये व्हाइट कलर की लगाई जाएं। इसलिए सभी लाइटों को बदला जा रहा है। त्रिशूल की आकृति भी अंधेरे में दिखाई नहीं दे रही थी। इस कारण इन पर अलग से बल्ब लगाए जा रहे हैं।
2 करोड़ रुपए की मंजूरी और बिलो पर टेंडर
ब्रिज पर लाइट लगाने के लिए 2 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। स्मार्ट सिटी ने टेंडर लगाया तो एक कंपनी ने 26 फीसदी बिलो पर टेंडर ले लिया। इससे करीब 80 लाख रुपए की बचत हुई।
अभी लाइटें आना बाकी
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का कहना है कि सीएम से शुभारंभ के लिए कुछ ही लाइटें लगाई गई थीं। अभी सभी लाइटें लगाना बाकी है। बेंगलुरु से लाइटें आना है, लेकिन बाढ़ के कारण लाइटें आने में समय लग रहा है। सभी लाइटें आने के बाद अगले माह लगा दी जाएंगी। त्रिशूल की लाइट व्हाइट कलर की लगाने का निर्णय लिया गया है।
लाइट बदलने का काम चल रहा
हरिफाटक ओवरब्रिज पर महाकाल थीम पर लाइटिंग का काम पूरा हो चुका है, लेकिन लाइटों का कलर ठीक नहीं होने के कारण बदलने का काम चल रहा है। -मुकेश टटवाल, महापौर









