पर्युषण पर्व: जैन मंदिरों में पालने सजे, गुलाब से की गई अंगीरचना

उज्जैन। शहर के जैन मंदिरों में रविवार को भगवान महावीर के जन्मवाचन की धूम रही। मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया। मंदिरों में भगवान के लिए पालने सजाए गए। फूलों से पालन सजाए। जैन संतों के प्रवचनों का दौर चला। गुलाब से अंगीरचना की गई। दोपहर 12 बजे बाद मंदिरों में जन्मउत्सव मनाने का क्रम शुरू हुआ।

श्री आदेश्वर चन्दप्रभु नयापुरा मेें जन्मवाचन महोत्सव की तैयारी सुबह से शुरू हो गई। उत्सव दोपहर 2 बजे मनेगा। समारोह श्री जैन ओसवाल धर्मशाला, नयापुरा में रखा गया। 14 सपना जी का अद्भुत वाचन हुआ।
श्री शांतिनाथ जैन उपाश्रय छोटा सराफा में मंगलमय जन्मवाचन सुबह 9 बजे से हुआ। यहां विराजित साध्वी डॉ. नीलांजला श्रीजी ने जन्मवाचन किया। 14 स्वप्नो की बोली हुई। भगवान के द्वार पर केसरिया छापे लगाए गए।
श्री नागेश्वर पाश्र्वनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर अरविंद नगर में सुबह से जन्मोत्सव की तैयारी चल रही थी। उत्सव दोपहर 1 बजे मनाया गया। मंदिर को फूलों से सजाया गया था। मनीष कोठारी व सह सचिव व राजेश कोठार ने बताया सुबह से मुनिजन के प्रवचन चल रहे हैं। शाम को असंख्य दीप प्रज्वलित कर मंदिर को रोशन करेंगे। अंग रचना होगी।
पुलिस कंट्रोल रूम के सामने श्री शीतलनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर जन्म महोत्सव के लिए सुबह पालने को गुलाब के फूलों से सजाया गया। मंदिर में विशेष सज्जा की गई। भगवान का जन्म व अंगी रचना कार्यक्रम १२ बजे आयोजित हुए। इसके बाद त्रिशला माता को आए १४ स्वप्र की झांकी सजाई गई। गुलाबों से अंगी रचना की गई। शाम को महाआरती हुई।









