एलिवेडेट ब्रिज के गड्ढे ने ली युवक की जान

लापरवाही : मिट्टी परीक्षण के लिए की थी खुदाई, बिना भरे ही छोड़ दिया
दोस्त के साथ महाकाल शिखर दर्शन करने जा रहा युवक देर रात इंदौरगेट पर हादसे का शिकार
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ के लिए जगह-जगह हो रहे निर्माण कार्य के ठेकेदारों को अधिकारी लगातार सावधानी बरतने की हिदायत दे रहे हैं, बावजूद गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। रक्षाबंधन की रात ऐसी ही एक लापरवाही ने एक परिवार के चिराग को बुझा दिया। शुक्रवार रात इंदौरगेट पर हादसा हुआ है जिसमें एक युवक की जान चली गई और उसका दोस्त घायल है।
दुर्घटना में भोपाल के राजेन शर्मा (37) की मौत हुई है। राजेन बुधवारिया (स्टेटबैंक की गली) श्रीराम कालोनी में रहता है। देर रात वह रौनक पिता रतनसिंह निवासी भेरूनाला, करण सूर्यवंशी निवासी स्टेट बैंक की गली सहित 10 अन्य दोस्तों के साथ महाकाल मंदिर शिखर दर्शन करने अलग-अलग वाहनों से जा रहा था। करण ने बताया कि रात करीब 1.30 बजे इंदौरगेट से हरिफाटक ब्रिज के बीच रौनक की बाइक रोड डिवाइडर के पास बने करीब दो फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी जिससे राजेन के सिर में गंभीर चोंटे आई। उसे चरक अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बाइक चला रहा रौनक भी घायल हुआ है।
कई गड्ढे खुले छोड़े, दुर्घटना के बाद लोगों ने लगाए बैरिकेड
इंदौरगेट से इंदिरा नगर तिराहे तक एलिवेटेड ब्रिज निर्माण का काम सेतु निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी द्वारा ठेकेदार रवि इन्फ्रा बिल्ड प्रोजेक्ट लि. द्वारा कराया जा रहा है। पिछले महीने आगर रोड पर कई जगह ड्रिल कर गहरे गढ्डे खोदकर अंदर से परीक्षण के लिए मिट्टी निकाली थी। कुछ गड्ढों पर सीमेंट कांक्रीट डलवाकर बंद करा दिया गया और कई को ऐसे ही छोड़ दिया। लापरवाही ऐसी कि गड्ढों के आसपास न तो बेरिकेड लगाए और न ही संकेतक। अब यह गड्ढे दुर्घटना का का कारण बन रहे हैं। इंदौरगेट से हरिफाटक ब्रिज के बीच करीब 6 जगह खुले गड्ढे पड़े हैं। घटना के बाद शुक्रवार रात को लोगों ने इनके आसपास बैरिकेड्स लगाए। इस घटना से लोगों में खासी नाराजगी है।
ऐसे ही टाटा के मैनहोल ने ली थे युवक की जान
कुछ वर्षों पहले इस जगह से थोड़ा दूर हरिफाटक ब्रिज से इंदौरगेट के बीच टाटा कंपनी द्वारा बनाए गए मैनहोल ने एक युवक की जान ली थी। कंपनी ने लापरवाही पूर्वक ऊंचे मैनहोल बना दिए। ऊंचे मैनहोल में बुलेट उछली और उस पर बैठा युवक सिर के बल दूर जाकर गिरा। सिर में गंभीर चोंट आने से उसकी मौत हो गई। घटना स्थल से मात्र 100 मीटर की दूरी पर निर्माणकर्ताओं की लापरवाही के कारण अब दूसरी घटना हुई है।
मिट्टी टेस्टिंग के लिए खोदा था गड्ढा
यह गड्ढा एलिवेटेड ब्रिज के लिए मिट्टी परीक्षण के लिए खोदा गया था, जिसे काम होने के बाद नहीं भरा और न ही आसपास बेरिकेड लगाए। बाइक चला रहे रौनक को गड्ढा रात में नजर नहीं आया। बाइक सहित वो उसमेें जा गिरा।
हम्माली करता था मृतक राजेन
मृतक राजेन इलेक्ट्रिक दुकानों पर हम्माली करता है। मालीपुरा स्थित इलेक्ट्रिक दुकान के संचालक ने बताया कि राजेन पिछले १५ वर्षों से उनकी दुकान पर हम्माली करता था। परिजन भोपाल में रहते हैं। वह 6 वर्षों से स्टेट बैंक की गली में किराये का मकान लेकर रह रहा था। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।









