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विदेश छोड़ भारत लौट रहे लाखों प्रोफेशनल्स, AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में बढ़े अवसर

भारत अब दुनिया भर के हाई-स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा आकर्षण बनता जा रहा है। विदेशों में काम कर रहे लाखों विशेषज्ञ बेहतर अवसरों की तलाश में भारत लौट रहे हैं। AI, स्टार्टअप और सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से बढ़ रहे अवसर इसकी प्रमुख वजह हैं।

 

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रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया का सबसे बड़ा “नेट टैलेंट रिसीवर” बनकर उभरा है। वर्ष 2024 में करीब 37 लाख और वर्ष 2025 में लगभग 33 लाख पेशेवरों के भारत लौटने का अनुमान है। यह बदलाव भारत के मजबूत होते रोजगार बाजार और तकनीकी विकास को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के कई देशों में बढ़ती महंगाई, नौकरी बाजार में अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों के कारण लोग नए अवसर तलाश रहे हैं। दूसरी ओर भारत में तेजी से बढ़ता टेक सेक्टर उन्हें आकर्षित कर रहा है।

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विदेश से भारत लौटने वाले टॉप 5 देश

रैंक देश प्रोफेशनल्स की संख्या
1 अमेरिका 2.93 लाख
2 पाकिस्तान 57,980
3 ब्रिटेन 44,979
4 बांग्लादेश 37,624
5 नाइजीरिया 30,169

भारत अमेरिका के चार गुना से अधिक पेशेवरों को आकर्षित कर रहा है। इससे देश की बढ़ती वैश्विक साख का पता चलता है।

AI सेक्टर में भारत आने वाले टॉप 5 देश

रैंक देश विशेषज्ञों की संख्या
1 ईरान 5,274
2 पाकिस्तान 698
3 अफगानिस्तान 468
4 रूस 456
5 तुर्किये 411

AI क्षेत्र में भारत की बढ़ती मांग और निवेश के कारण विदेशी विशेषज्ञ बड़ी संख्या में देश का रुख कर रहे हैं।

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स्टार्टअप सेक्टर में भारत आने वाले टॉप 5 देश

रैंक देश प्रोफेशनल्स की संख्या
1 भारत 1,58,299
2 पाकिस्तान 24,153
3 ईरान 18,074
4 मिस्र 15,475
5 नाइजीरिया 10,226

भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार विस्तार कर रहा है। यही कारण है कि वैश्विक प्रतिभाएं भारत में करियर बनाने को प्राथमिकता दे रही हैं।

सरकार का फोकस: तकनीक और रिसर्च पर बड़ा निवेश

सरकार हाई-स्किल्ड प्रोफेशनल्स को देश में अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। पीएम रिसर्च फेलोशिप योजना के तहत शीर्ष शोधकर्ताओं को करोड़ों रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा AI सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत 38,000 से अधिक हाई-एंड GPU उपलब्ध कराने की योजना है।

वहीं, ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक चिप निर्माण और उन्नत तकनीक का प्रमुख केंद्र बनाना है।

भारत में बढ़ते रोजगार अवसर, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम, AI में निवेश और सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार ने देश को वैश्विक प्रतिभाओं के लिए पसंदीदा गंतव्य बना दिया है। आने वाले वर्षों में यह ट्रेंड और मजबूत होने की संभावना है

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