जलभराव क्षेत्र में पंपिंग स्टेशन प्रोजेक्ट पर मंथन

वर्षाकाल में आपदा से निपटने की तैयारियां, राहत पुनर्वास केंद्रों पर जुटाएंगे सुविधाएं

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:वर्षाकाल में बाढ़ से उत्पन्न स्थिति और आपदा से निपटने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि जलभराव की समस्या के निराकरण के लिए पंपिंग स्टेशन का प्रोजेक्ट बनाए। बारिश से पहले बाढ़ आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों की सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाए। राहत पुनर्वास केन्द्रों पर राशन, शुद्ध पेयजल और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता रहें। स्वास्थ्य केंद्रों पर वर्षा जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक दवाइयों का अग्रिम भंडारण किया जाए।
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में निर्देश दिए कि शहर में बाढ़ आपदा के स्थाई समाधान के लिए प्रमुख नाले, जिससे बैक वाटर शहर की ओर आता है, वहां शिप्रा नदी के डेंजर लेवल के ऊपर ऐसे नालों पर पंपिंग स्टेशन स्थापित किया जाए। इसमें नाले के मुहाने पर गेट बंद किया किया जा सके ताकि नदी का पानी बैक वाटर के रूप में शहर में न आए, जिससे जल भराव की स्थिति निर्मित ना हो।
यह पूरा प्रोजेक्ट आगामी वर्षों के जल संसाधन विभाग द्वारा बनाया जाए। जिला बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में एसपी प्रदीप शर्मा, सीईओ जिला पंचायत मृणाल मीना,सीईओ यूडीए संदीप सोनी,एडीएम अनुकूल जैन सहित सभी एसडीएम और सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
अधिकारियों को यह भी निर्देश
सभी अनुविभागों में डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम गठित कर ली जाए।
होमगार्ड विभाग द्वारा भी जिला मुख्यालय सहित संवेदनशील क्षेत्रों में क्यूआरटी टीम तैनात रहें।
होमगार्ड के द्वारा पर्याप्त मोटराइज्ड बोट्स, नॉन मोटराइज्ड बोट्स, लाइफ जैकेट्स आदि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।,
रामघाट पर नदी का पानी डेंजर लेवल से पहले लगभग 475 मीटर पर पहुंचने पर सुरक्षा की दृष्टि से घाट पर व्यवस्थित बैरिकेडिंग कराएं।
ऐसे भवन जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में हैं, उन्हें खाली करवाने के लिए नोटिस जारी किया जाएं।
सड़क निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम जर्जर पुल-पुलिया की मरम्मत कर 15 मई तक सभी पुल पुलिया पर संकेतक लगाने की कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।
विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली के तारों और पोल की मरम्मत कर खराब हुए ट्रांसफार्मर समय पर बदले जाएं।
स्वास्थ्य विभाग सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वर्षा जनित बीमारियों के रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाओं की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करें।
सर्पदंश के उपचार के लिए जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त एंटी वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पशुपालन विभाग को आवश्यक दवाओं और आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
परिवहन विभाग द्वारा ऐसे मार्ग और पुल पुलिया जहां जल भराव की स्थिति निर्मित होती है वहां से चलने वाली बसों के फिटनेस का परीक्षण कर लिया जाए। अनफिट बसों का फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त करें। जल भराव वाले मार्गों की सूची भी बस संचालकों को दी जाए।
पेयजल दूषित होने की समस्या के निराकरण के लिए पेयजल स्त्रोतों के क्लोरीनीकरण कराएं जाने के लिए निर्देशित किया।









