टॉवर चौक से शहीद पार्क तक रैली निकाल दिखाई ताकत

बच्चों के भविष्य को लेकर सड़क पर उतरा सवर्ण समाज, बगैर नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन में दिखा स्वानुशासन

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। यूजीसी के नए नियमों से बच्चों के भविष्य के लेकर आशंकित सवर्ण समाज बुधवार रात सड़क पर उतर गया। टॉवरचौक से शहीद पार्क तक रैली निकालकर समाजजन ने अपनी ताकत दिखाई। बगैर नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन में स्वानुशासन दिखाई दिया और इसने राजनैतिक दलों की दीवार भी गिरा दी।
भाजपा और कांग्रेस के सवर्ण नेताओं ने एक साथ अपनी उपस्थिति दिखाई। दरअसल यूजीसी ने हायर एजुकेशन क्षेत्र में एससी/एसटी/ ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव को रोकने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। भेदभाव के हालात रोकने के लिए उसने समता समिति बनाने का ऐलान किया है लेकिन इस समिति से जनरल कैटेगरी को बाहर कर दिया है। समिति में जनरल कैटेगरी का प्रतिनिधितत्व नहीं होने को इस वर्ग के दमन के तौर पर देखा जा रहा है और इसे लेकर सोशल मीडिया वार के साथ देश भर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार शाम उज्जैन में आंदोलन हुआ।
पहले टॉवरचौक तक चक्कर लगाया, फिर रैली
प्रदर्शन का समय शाम 6 बजे तय किया गया था। तय समय से पहले ही बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्र होने लगे थे। शाम ६.१५ बजे प्रदर्शन शुरू हुआ। हाथों में तख्तियां थामे युवाओं ने गगनभेदी नारे लगाए और काला कानून वापस लेने की मांग की। सफेद धोती और कुर्ता पहने बटुकों और ब्राह्मणों ने यूजीसी का काला कानून रद्द करो, जागो सवर्ण समाज जागो, तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। टॉवरचौक का एक चक्कर लगाने के बाद शहीद पार्क तक रैली निकाली गई।
मातृशक्तियों ने जलाई कैंडल
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। उन्होंने हाथ में कैंडल थामी और कानून रद्द करने की मांग की। महामंडलेश्वर शैलेषानंद गिरी, महाकाल मंदिर के पुजारी महेश पुजारी, सुरेंद्र चतुर्वेदी, ईश्वरचंद्र दुबे, योगेश शुक्ला, डॉ. अप्रतुलचंद शुक्ला, एडव्होकेट अजयशंकर जोशी, गुलाट गुरु, पूर्व पार्षद संतोष व्यास, संतोष शर्मा, एसएन शर्मा, क्षत्रिय महासभा के अनिलसिंह चंदेल, किशोरसिंह भदौरिया, हरदयालसिंह ठाकुर, डॉ. घनश्याम शर्मा, पत्रकार संजय शुक्ला, महेंद्रसिंह बैस, निरुक्त भार्गव सहित बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग उपस्थित थे। प्रदर्शन के बाद एसडीएम कोठी महल पवन बारिया और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें यूजीसी के एकपक्षीय ड्राफ्ट रेगुलेशन को तत्काल रोकने की मांग की गई। ज्ञापन में नीति निर्धारण समिति में समाज के सभी वर्ग का संतुलित प्रतिनिधितत्व देने की मांग भी रखी गई।









