सरपंच दोस्त से कहा: यह आखिरी राम-राम, बच्चों का ध्यान रखना..

कर्ज से परेशान एक और किसान ने जान दी

उज्जैन। सोयाबीन खराब होने और सिर पर कर्जे के बोझ से परेशान एक और किसान ने शनिवार को अपनी जान दे दी। वाकया महिदपुर का है। यहां पहले भी एक किसान ऐसी ही परेशानियों के कारण जान दे चुका है। महिदपुर के खजूनिरया निवासी दिनेश पिता जगदीश शर्मा उम्र 41 वर्ष की शनिवार को जहर खाने से मौत हो गई। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
मृतक के भाई अशोक शर्मा ने बताया कि दिनेश ने शुक्रवार दोपहर अपने खेत पर जहरीला पदार्थ खाया और अपने सरपंच मित्र राकेश परमार को फोन पर कहा कि यह उनकी आखिरी राम-राम है। मेरे बच्चों का ध्यान रखना। उस वक्त राकेश गांव में नहीं थे। उन्होंने तुरंत अशोक को फोन के बारे में बताया और दिनेश को संभालने का कहा। अशोक खेत पर पहुंचा तो वहां दिनेश उन्हें उल्टी करता मिला। उसे पहले महिदपुर अस्पताल और वहां से चरक अस्पताल लाया गया। जहां देर रात उनकी मौत हो गई।
मंदिर में पुजारी भी है मृतक, कर्ज और फसल से था परेशान
मृतक दिनेश शर्मा गांव के ही महावीर हनुमान मंदिर में पुजारी भी है। उसकी 6 बीघा जमीन है। भाई अशोक के मुताबिक उस पर करीब 5 लाख का कर्जा है। इस बार सोयाबीन भी खराब हो गई इस कारण वो अधिक तनाव में था। दिनेश के दो बेटे हैं जिनकी उम्र ११ व 13 साल है।









