50 साल बाद रॉयल अल्बर्ट हॉल पहुंचेगी ‘शोले’, जानें तारीख

एंटरटेनमेंट डेस्क। भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो चुकी कल्ट क्लासिक फिल्म ‘शोले’ अब सात समंदर पार ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक नया इतिहास रचने जा रही है। महान निर्देशक रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी और संजीव कुमार, अमजद खान, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, हेमा मालिनी और जया बच्चन जैसे दिग्गज सितारों से सजी यह कालजयी फिल्म लंदन के विश्व प्रसिद्ध रॉयल अल्बर्ट हॉल (Royal Albert Hall) में प्रदर्शित की जाएगी। इस भव्य और ऐतिहासिक स्क्रीनिंग की घोषणा के बाद से ही दुनिया भर के सिनेमा प्रेमियों और विशेषकर भारतीय प्रवासियों में जबरदस्त उत्साह है।

‘फिल्म्स इन कॉन्सर्ट’: लाइव ऑर्केस्ट्रा के साथ गूंजेगा पंचम दा का संगीत
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के अनुसार, रॉयल अल्बर्ट हॉल में होने वाला यह शो बेहद अनूठा और अपनी तरह का पहला प्रयोग होगा:
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लाइव संगीत का रोमांच: जब थिएटर की विशाल स्क्रीन पर जय-वीरू और गब्बर सिंह के आइकॉनिक दृश्य चल रहे होंगे, ठीक उसी समय हॉल में मौजूद ‘रॉयल फिलहारमोनिक कॉन्सर्ट ऑर्केस्ट्रा’ (Royal Philharmonic Concert Orchestra) महान संगीतकार आर.डी. बर्मन (पंचम दा) द्वारा तैयार किए गए बैकग्राउंड स्कोर और धुनों को लाइव (Live) बजाएगा।
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इवेंट की तारीख: संगीत और सिनेमा के इस बेजोड़ संगम वाले विशेष कार्यक्रम को ‘फिल्म्स इन कॉन्सर्ट’ नाम दिया गया है, जिसका आयोजन आगामी 10 अक्टूबर को किया जाएगा।
‘द फाइनल कट’: सेंसर बोर्ड के काटे गए सीन्स के साथ 4K धमाका
लंदन के इस शो में दर्शकों के लिए एक बहुत बड़ा सरप्राइज भी छिपा हुआ है:
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अनसेंसर्ड वर्जन: दर्शकों के सामने फिल्म का बिल्कुल नया और क्रिस्टल क्लियर 4K डिजिटल वर्जन पेश किया जाएगा। इस वर्जन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें वे बेहद चर्चित और महत्वपूर्ण दृश्य (Scenes) भी जोड़े गए हैं, जिन्हें साल 1975 में रिलीज के समय भारतीय सेंसर बोर्ड (CBFC) ने कैंची चलाकर फिल्म से हटा दिया था।
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मूल भाषा और सबटाइटल्स: ‘शोले’ को हॉल की महाकाय स्क्रीन पर उसकी मूल भाषा यानी हिंदी में ही प्रोजेक्ट किया जाएगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय और गैर-हिंदी भाषी दर्शकों की सुविधा के लिए इसमें अंग्रेजी सबटाइटल्स (English Subtitles) का इस्तेमाल किया जाएगा। सिप्पी फिल्म्स के मुताबिक, फिल्म का यह विशेष अनसेंसर्ड रूप केवल सीमित समय के लिए ही वैश्विक मंचों पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
भारतीय सिनेमा की अमर कल्ट क्लासिक
सत्तर के दशक में आई ‘शोले’ महज एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय पॉप-कल्चर का एक हिस्सा बन चुकी है। डाकू गब्बर सिंह (अमजद खान) का खौफ, ठाकुर बलदेव सिंह (संजीव कुमार) का प्रतिशोध और जय-वीरू (अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र) की अमर दोस्ती व वीरू-बसंती का रोमांस आज भी दर्शकों के जेहन में ताजा है। फिल्म के संवाद (Dialogues) और आर.डी. बर्मन के सदाबहार गीत आधी सदी बीत जाने के बाद भी भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी पूंजी माने जाते हैं।









