बरसात से खेतों की सोयाबीन फसल बर्बाद, किसान मायूस

विदाई की बेला में मानसून फसलों के लिए कहर बना, खेतों में कटाई नहीं कर पा रहे कृषक

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पूरे सीजन में खंड-खंड बरसात के बीच किसानों तैसे-जैसे अपनी फसलों को बढ़ा किया था,कटाई का सिलसिला प्रारंभ हो गया, लेकिन अचानक मानसून एक्टिव हो गया। विदाई की बेला में मानसून ने फसलों पर कहर कहर ढाया दिया है। तीन-चार दिन से अलग-अलग अंतराल में होने वाली तेज बरसात से हर जगह-पानी ही पानी हो चुका है। बादलों की लगातार मौजूदगी से वातावरण में नमी भी है। यह पकी हुई फसलों की बर्बादी का कारण बन गए है।
हाल के दिनों की भारी बारिश ने मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसा कहर ढाया कि किसानों की सोयाबीन की फसल बर्बाद कर दी। किसान कुछ नहीं कर पा रहे। पकी हुई फसल पर लगातार हो रही वर्षा के कारण चारों ओर पानी ही पानी हो गया। खेतों ने तालाब का रूप ले लिया। ऐसे में किसान परेशान होता नजर आ रहा है। तेज बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का है। चाहे फसल कटकर खेत में पड़ी हो या फिर खलिहान में सड़ती नजर आ रही है।
किसान अपनी फसल बचाने के लिए हर एक प्रयास कर रहा है। अभी वहीं किसान थोड़ा फायदे में है, जिसने अपनी फसल निकाल ली है। हालांकि इस बार सायोबीन की पैदावारी कम हो रही है। उपर से जो फसल खड़ी है। वह भी बर्बाद होने के कगार पर है। लगातार वर्षा के कारण किसान खेतों में कटाई नहीं कर पा रहे हैं। अगर काट भी ले हैं, तो फिर सडऩे का नुकसान है। विदाई की ओर जा रही वर्षा का कहर इस कदर है कि किसान पूरी तरह बर्बादी की ओर पहुंच चुका है।
खाद की निगरानी ‘त्रिवेणी’ करेगी
इधर शासन/प्रशासन ने कृषि के रबी सीजन बोवनी की तैयारी प्रारंभ कर दी है। रबी बोवनी का समय पास आते ही खाद की मांग भी बढ़ती जा रही है।उर्वरक की उपलब्धता और वितरण के लिए संभागायुक्त/कलेक्टर को दिशा-निर्देश जारी किए गए है। खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और नकली उर्वरक पर जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा पुलिस को साथ रखकर जांच,कार्रवाई की जाएगी।
एक जिले से दूसरे जिले में होने वाले खाद के परिवहन पर भी नजर रखी जाएगी। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे प्रभार के जिलों में खाद और बीज वितरण व्यवस्था को देखें। बैठक कर समीक्षा करें और जो भी आवश्यक कदम हों, वह उठाएं।
कृषि विभाग ने कहा- नुकसान की भरपाई के लिए करें आवेदन
कृषि विभाग द्वारा सभी किसानों को सूचित किया है कि उज्जैन जिले में किसी भी प्रकार के फसल नुकसान होने पर इसकी जानकारी फसल खराब होने के 72 घंटे के अंदर फसल बीमा कंपनी इफको टोकियो के टोलफ्री नंबर 14447 पर दें। साथ ही किसान क्रॉप इंश्योरेंस एप, जिसे प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं या सह दावा पत्र भेजने के लिए दिए गए पत्रक को भरकर फसल नुकसान की शिकायत बीमा कंपनी को भेज सकते हैं।
आवेदन के साथ में बी-1 की कॉपी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक (जिसमें प्रीमियम कटी हो) की कॉपी, फॉर्म की कॉपी एवं संबंधित कागज जहां बीमा करवाया हो, उस बैंक में, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी ऑफिस, कार्यालय उप संचालक कृषि या जिला स्तर पर बीमा कंपनी को भी जमा करा सकते हैं। जिन किसानों ने फसल काटकर खेत में रखी है, वह वर्षा से बचाने हेतु फसल को ढंककर रखें। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय एवं संबंधित बीमा कंपनी के कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं।









