शकर के दाम भड़के, 72 रुपए पार पहुंचे बड़े स्टोर्स से स्टॉक गायब, राशनिंग शुरू

महंगाई डायन : हर घर का बजट 1000 रुपए से अधिक बढऩे की आशंका, लोगों में नाराजगी
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महंगाई डायन ने त्योहार से पहले बाजार में उथल-पुथल मचा दी है। सबसे ज्यादा असर घर में सबसे ज्यादा जरूरी शकर और प्याज के दाम पर आया है। शुक्रवार को शकर के दाम खेरची में 70 रुपए पार हो गए। यही हाल प्याज का रहा जो 50 रु. किलो बिक रही है। 4 लोगों के परिवार का बजट 1 हजार रुपए तक बढऩे की संभावना है।
एक महीने में ही शकर के दाम थोक बाजार में 40 से बढ़कर 69 रुपए किलो हो गए हैं। इस कारण खेरची दुकानों पर 75 के भाव बिक रही शकर बढ़कर 73 से 75 रुपए किलो तक पहुंच गई। गुरुवार को एक ही दिन में थोक बाजार में करीब 4 रुपए इजाफा हुआ है। गुरुवार शाम बड़े स्टोर ने शकर का स्टॉक हटा लिया। दलाल एसो. के अध्यक्ष राजेंद्र गर्ग ने बताया कि शकर भाव दिनभर बदलते रहे। शाम को 68 रुपए किलो थे। कारोबारी दिलीप बाकलीवाल ने बताया कि शुक्रवार को थोक बाजार में शकर के भाव 70 रुपए खुले हैं। खेरची में यह 72 के पार जाएंगे।
प्रमुख कारण : एथेनॉल निर्माण में गन्ने का उपयोग
एथेनॉल बनाने में 67 प्रतिशत हिस्सा मक्का, चावल की टुकड़ी और खराब अनाज का होता है, जबकि बाकी 33 प्रतिशत हिस्सा गन्ना और उसके उत्पादों (शीरा) का ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले साल 720 करोड़ लीटर एथेनॉल बना। इसके लिए 1.33 करोड़ टन अनाज और 25 लाख टन चीनी बनाने लायक गन्ना-शीरा इस्तेमाल हुआ, जिसमें अकेले 34 लाख टन गन्ना शामिल था।
एक महीने में शकर 28 और गुड़ 24 रुपए महंगा: शकर के थोक भाव एक महीने पहले तक थोक में 40 और खेरची में 44 रुपए किलो थे। आज शुक्रवार को यह थोक में 68 और खेरची में 70 रुपए हो गए। इसी तरह गुड़ के दाम एक महीने पहले थोक में 45 थे जो अब 69 रुपए किलो हो गया है। खेरची में गुड़ 78-80 रुपए किलो बिक रहा है। शहर के बड़े स्टोर्स से शहर नदारद हो गई है। दशहरा मैदान स्थित स्मार्ट बाजार में शुक्रवार की सुबह शकर नहीं थीं। मौजूद कर्मचारियों ने कहां कि शकर बाद में आएगी। कुछ ऐसा ही हाल अन्य स्टोर्स का भी था। हालांकि कानीपुरा रोड स्थित सुपर स्टोर में शकर 64 रुपए किलो में उपलब्ध थी।
भाव बढ़ा तो 13 हजार क्विंटल प्याज मंडी आया, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लगी लंबी कतार
प्याज के तेवर तीखे होने पर अच्छे दाम की उम्मीद मेें बड़ी संख्या में किसान प्याज लेकर मंडी आ रहे हैं। गुरुवार को स्थिति यह थी कि सुबह से ही मंडी परिसर और मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गई हैं। यही हाल शुक्रवार सुबह का था। प्याज के दाम 50 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। एक सप्ताह तक 20 रुपए किलो था। सब्जी मंडी में आम दिनों में 12 से 15 सौ क्विंटल तक आने वाली प्याज की आवक गुरुवार को 13 हजार क्विंटल से अधिक की रही। मंडी सचिव राजेश गोयल ने बताया कि एक दिन में ही प्याज की थोक कीमत 4 हजार रुपए के पार हुई थी, उसके बाद अचानक तेजी आई। शुक्रवार को मंडी में कीमत फिर घटकर 2500 से 3000 रुपए आ गई है।
अभी शकर की कीमत बढऩे की जानकारी नहीं है, पता करते हैं
जिले में शकर की कीमतों में इजाफे और स्टॉक खत्म होने की जानकारी मुझे अभी नहीं है। अभी मैं जनविश्वास शिविर में हूं। पता करके आपको बताती हूं कि क्या स्थिति है। स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाएगा। शालू वर्मा, जिला आपूर्ति नियंत्रक
पशु आहार, दूध भी हुआ महंगा
गन्ने और अनाज का रुख एथेनॉल उत्पादन की तरफ होने से बाजार में इनकी उपलब्धता कम हो गई है। पहले खराब अनाज का उपयोग मुख्य रूप से पशु आहार और पॉल्ट्री फीड बनाने में होता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उपलब्धता घटने से पशु आहार 8 से 10 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। इसका सीधा असर डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर पर पड़ा है, जिससे दूध और अंडे की कीमतें भी बढऩा तय है।









