खड़े हनुमान मंदिर और टकसाली गणेश की जगह बदलेगी!

कंठाल चौराहा-छत्रीचौक मार्ग चौड़ीकरण, अब बड़े धर्मस्थल हटाने की हो रही तैयारी
सराफा बाजार से पानी की टंकी के पास शिफ्ट करने की योजना, शाही मस्जिद का छोटा हो सकता है आकार
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर के सबसे व्यस्ततम क्षेत्रों में शुमार कंठाल चौराहा-छत्रीचौक के चौड़ीकरण में कई प्राचीन धर्मस्थलों की जगह बदलने वाली है। इनमें खड़े हनुमान और टकसाली मंदिर भी शामिल हैं। शाही मस्जिद का आकार भी छोटा हो सकता है। रोड को एक जैसा रखने के लिए मंदिर के पुजारियों से निगम प्रशासन की चर्चा अंतिम दौर में है। छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद की चौड़ाई भी कम हो सकती है।
कंठाल चौराहा-छत्रीचौक मार्ग चौड़ीकरण में सतीगेट तक काम तेजी से चल रहा है। करीब 300 मीटर के हिस्से में आने वाले तीन मंदिर (दो हनुमान और एक गणेश) को शिफ्ट किया जा चुका है।इस मार्ग में सतीगेट भी आ रहा है, जिसे बीचोंबीच ले आया गया है।आगे बढऩे पर मार्ग में दो और मंदिर आ रहे हैं। यह मंदिर खड़े हनुमान और टकसाली गणेश के हैं। सराफा बाजार में स्थित दोनों मंदिर अति प्राचीन है।
खड़ा हनुमान मंदिर 150 साल से ज्यादा पुराना है, क्योंकि मंदिर के पुजारी परिवार की चौथी पीढ़ी के महेश पुजारी यहां पूजा-पाठ कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार नगरनिगम के अफसर उनसे मंदिर शिफ्टिंग की बात कर रहे हैं। पानी की टंकी के पास 200 स्केवयर फीट जगह मंदिर को दी जा रही है। अगर यह चर्चा अमलीजामा पहनती है तो मंदिर शिफ्ट हो जाएगा। ऐसे में प्रतिमा की दिशा उत्तरमुखी हो जाएगी। सिंधिया स्टेट के जमाने के कागजात पुजारी परिवार के पास है।
शाही मस्जिद को नोटिस, चौड़ाई कम हो सकती है : छत्रीचौक स्थित शाही मस्जिद भी चौड़ीकरण की जद में है। करीब 11 फीट का हिस्सा तोड़ा जा सकता है। भवन अधिकारी ने मस्जिद के प्रबंधक को नोटिस जारी कर दिया है। शुक्रवार को इस पर सुनवाई होनी है।
5.5 फीट ऊंची प्रतिमा की शिफ्टिंग होगी चैलेंज
खड़े हनुमान की प्रतिमा 5.5 फीट ऊंची है। प्रतिमा ब्राह्मण स्वरूप में है और हनुमान जी जनेऊ धारण किए हुए हैं। उनके हाथ जुड़े हुए हैं और चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ है।
टका चढ़ता था, इसलिए कहलाए टकसाली गणेश
खड़े हनुमान के पास ही स्थित टकसाली गणेश का 90 साल पुराना मंदिर भी चौड़ीकरण के दायरे में आ रहा है। पूजा का दायित्व पं. कैलाश मेहता और उनकी पत्नी उषा मेहता करते हैं। सराफा बाजार में चर्चा है कि खड़े हनुमान का जहां नया स्थान होगा, वहां टकसाली गणेश भी विराजित किए जा सकते हैं। अपर निगमायुक्त संतोष टैगोर कहते हैं कि सभी से बातचीत चल रही है। मंदिर भी शिफ्ट किए जा रहे हैं। सबका सहयोग मिल रहा है। सिंहस्थ के लिए पूरा शहर अपना योगदान दे रहा है। यह अच्छी बात है।









