बदला वायरल का मिजाज, गला बंद, सांस की तकलीफ व तेज बुखार की शिकायत

बारिश थमी, तबीयत बिगड़ी : रोजाना पहुंच रहे 350 मरीज, 2 से 3 हफ्ते तक सता रही खांसी
चरक अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 6 दिनों में रिकॉर्ड 2100 से अधिक मरीज
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बारिश रुकने का आसर शहर में वायरल संक्रमण में तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। पिछले छह दिनों में चरक भवन की ओपीडी में तेज बुखार, गले में दर्द, सूखी खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतों वाले मरीज पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक कई मरीजों में इन्फ्लूएंजा, कोविड जैसे शुरुआती लक्षण मिल रहे हैं। हालांकि मरीजों का इलाज वायरल लक्षणों के आधार पर ही किया जा रहा है।
बारिश थमते ही बढ़ी गर्मी और उमस के कारण बदले मौसम का सीधा असर आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। चरक अस्पताल में पिछले 6 दिनों में 2100 से अधिक लोग वायरल जनित संक्रमण जैसे सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी, दस्त की शिकायत लेकर पहुंचे। यानी रोजाना 350 लोगों को उपचार लेना पड़ा।
अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक 6 दिनों में आए 2100 वायरल संक्रमित मरीजों में सर्दी-खांसी, तेज बुखार के लक्षण है। गले मेें खराश की शिकायत भी कई लोगों को है। इनमें 995 पुरुष, 970 महिलाएं और बाकी अवयस्क बालक बालिका हैं। चरक अस्पताल मेें ओपीडी सुबह 9 से ३ बजे तक चलती है। कुल 6 घंटे चलने वाली ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 350 मरीज वायरल पीडि़त आ रहे हैं।
वायरल इफेक्ट : 103 डिग्री तक बुखार, सता रही खांसी
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक मरीजों को 103 डिग्री तक तेज बुखार आ रहा है। बुखार ठीक होने के बाद सूखी खांसी और गले की खराश 2 से 3 हफ्ते तक बनी हुई है, जिसे पोस्ट वायरल ब्रोंकाइटिस कहा जाता है। इसके अलावा अत्यधिक कमजोरी और बदन दर्द की शिकायतें भी आम हैं। वायरल संक्रमण पहले नाक और गले को प्रभावित करता है। इससे गले में तेज दर्द, निगलने में तकलीफ, आवाज बैठना और नाक बंद होने जैसी समस्याएं हो रही हैं।
लक्षणों को न करें नजरअंदाज
परिवार में किसी को भी तेज बुखार, गले में तेज दर्द, खराश या निगलने में तकलीफ, लगातार सूखी खांसी का आना और आवाज का बैठ जाना, नाक बंद या पानी बहना, सिर दर्द, बदन दर्द और अत्यधिक शारीरिक कमजोरी की शिकायतें मिले तो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यदि तेज बुखार 3 दिन से अधिक समय तक बना रहता है, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर डॉक्टर को दिखाएं और खुद से दवाइयां लेने से बचें।
इनका कहना
मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में हल्का भोजन, व्यायाम, अच्छी नींद आवश्यक है। लोगों को स्पाइसी और भारी भोजन करने से बचना चाहिये। फलों का सेवन करें। बुखार या अन्य समस्या पर डॉक्टर की सलाह से ही दवा का सेवन करें।
डॉ. जितेन्द्र शर्मा, मेडिकल ऑफिसर चरक अस्पताल









